एम्स पटना में अत्याधुनिक नेत्र बैंक का काम जल्द होगा शुरू

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित <&sol;strong>पटना एम्स में अब लोगों के लिये अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नेत्र बैंक की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा&period;इसके लिये एम्स पटना में एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट&comma; हैदराबाद के सहयोग से स्टेट ऑफ आई बैंक की स्थापना की जाएगी&period; इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद बिहार में लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण के लिए बाहर के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंगलवार को एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; गोपाल कृष्ण पाल की उपस्थिति में एलवीपीईआई&comma; हैदराबाद आई बैंक टीम के साथ चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; अनूप कुमार ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं&period;पहले चरण में&comma; एलवीपीईआई हैदराबाद ने एम्स ऋषिकेश&comma; आईएमएस बीएचयू वाराणसी और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान&comma; सरकारी मेडिकल कॉलेज गुवाहाटी में नेत्र बैंक स्थापित किया है&period;दूसरे चरण में&period; एलवीपीईआई हैदराबाद ने नेत्र बैंक विकसित करने के लिए एम्स पटना और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान&comma; रिम्स रांची का चयन किया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निदेशक एम्स पटना प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; गोपाल कृष्ण पाल ने कहा कि 2022 में उनके योगदान के बाद राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन बिहार से पंजीकरण के बाद कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्र को मंजूरी दी गई थी लेकिन डोनर कॉर्निया के लिए अन्य नेत्र बैंकों पर निर्भरता के कारण अब तक केवल कुछ ही कॉर्निया प्रत्यारोपण किए गए हैं&period; उन्होंने बताया कि इस एमओयू के साथ&comma; एम्स पटना में आई बैंक जल्द ही कार्यशील हो जाएगा&comma; जो एम्स पटना में एक ऐतिहासिक सेवा होगी&period; इस अवसर पर नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अमित राज ने इस अवसर को इस क्षेत्र के कॉर्निया दृष्टिहीन लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया&comma; जो कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए राज्य के बाहर जाने को मजबूर हैं&period;सट्टा धोनी के नेत्र बैंक के शुभारंभ हो जाने के बाद अब यहां के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रेम कुमार &lpar;डीन एकेडमिक्स&rpar;&comma; डीडीए श्री नीलोत्पल बल&comma; एफ एंड सीएओ प्रो&period; त्रिभुवन कुमार&comma; संकाय प्रभारी खरीद डॉ&period; बिनोद कुमार पति और एलवीपीईआई आई बैंक प्रभारी श्री हरिहरन और आई बैंक मैनेजर श्रीनिवास इस अवसर पर उपस्थित थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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