महिलाओं को अपनी पीढ़ी को दीनि और आधुनिक शिक्षा से लैस करना चाहिए : अहमद हुसैन कासमी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। इमारत ए शरिया बिहार&comma; ओडिशा&comma; झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की ओर से मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों में दावती और इस्लाही कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं&period; हजरत अमीर शरीयत मौलाना सैयद अहमद वली फैसल रहमानी के निर्देश और नाजिम इमारत ए शरिया मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी की पहल पर चल रहे इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उलेमा&comma; इमाम&comma; बुद्धिजीवी और आम लोग भाग ले रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मोरनिस्फ में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी ने कहा कि आज गांव और बस्तियों को दीनि&comma; शैक्षणिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है&period; उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अल्लाह ने इल्म और समझ दी है&comma; उनका दायित्व है कि वे समाज में दीनि और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दें तथा गरीब बच्चों की मदद करें। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका काम केवल घरेलू जिम्मेदारियां निभाना नहीं&comma; बल्कि अपनी नई पीढ़ी को दीनि तालीम&comma; इस्लामी अखलाक और अच्छे चरित्र से सुसज्जित करना भी है&period; युवाओं से उन्होंने शिक्षा&comma; प्रशिक्षण और चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की अपील की। मुफ्ती राशिद अनवर कासमी ने आपसी विवादों के समाधान के लिए दारुल कजा से संपर्क करने की सलाह दी। वहीं मौलाना अब्दुल है जाहिद कासमी ने कहा कि इंसानियत की कामयाबी पैगंबर मुहम्मद की सुन्नत पर चलने में है&period; कार्यक्रम में मौलाना नौशाद आलम मजाहरी&comma; मौलाना अब्दुल कुद्दुस मजाहरी समेत कई उलेमा मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;

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