नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संसद में पास नहीं होने से महिलाओं में आक्रोश, भाजपा प्रदेश कार्यालय में की बैठक‎

&NewLine;<p><br>‎<strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के बाद आज बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई&comma; जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि विपक्ष महिला विरोधी है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने पर खुशी मना रही है।<br>‎<br>‎बैठक में आक्रोशित महिलाओं ने जल्द ही इसके लिए विरोधी दलों के नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की। बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इंडी गठबंधन द्वारा लोकसभा में पारित न होने देने के विरोध में आगामी 20 अप्रैल को पटना सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश मार्च निकाले जाने का निर्णय लिया गया।<br>‎<br>‎बैठक में &&num;8216&semi;आक्रोश मार्च&&num;8217&semi; की रूपरेखा तैयार की गई और आधी आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में लोकसभा में विपक्ष द्वारा षड्यंत्रपूर्वक गिराए गए महत्वपूर्ण विधेयक पर गंभीर चर्चा हुई&comma; जो न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है बल्कि हमारी नारी शक्ति के सम्मान को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।<br>‎<br>‎बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाली ताकतों को जनता के बीच बेनकाब करने के लिए भाजपा पूरी मजबूती के साथ सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि हम सड़क पर उतरकर इस षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देंगे।<br>‎<br>‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस&comma; राजद&comma; सपा पार्टी के लोग नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संसद में गिर जाने पर मिठाइयां बांट रहे हैं और जश्न मना रहे हैं। इन लोगों को समय आने पर एहसास होगा कि इनकी यह खुशी उन्हें कितनी महंगी पड़ेगी। ये लोग अपने घरों से जहां भी निकलेंगे&comma; वहां इनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन होंगे।<br>‎<br>‎उन्होंने कहा &&num;8211&semi; &&num;8220&semi;इतना बड़ा आरक्षण विधेयक&comma; प्रधानमंत्री इसे पास कराना चाहते थे। इन्हें समय आने पर एहसास होगा। भारत की महिलाएं अब सिर्फ फूल नहीं हैं&comma; वे चिंगारियां हैं। वे अब जाग चुकी हैं। विपक्ष को हर कदम पर उनके विरोध का सामना करना पड़ेगा।<br>‎<br>‎भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इन लोगों की मंशा शुरू से सही नहीं थी। 30 वर्षों तक कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया। पीएम मोदी ने तीन दिनों में पास किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की नारी है जिस तरह से इनका अपमान किया गया है&comma; उसे वे भूल नहीं सकतीं।<br>‎<br>‎भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा&comma; &&num;8220&semi;विधेयक के गिर जाने के बाद पूरे देश की महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। जब यह विधेयक पारित नहीं हो सका&comma; तो महिलाएं हतप्रभ और निशब्द रह गईं। &&num;8216&semi;इंडी&&num;8217&semi; गठबंधन सहित अन्य दलों के आचरण और कार्यशैली में महिला-विरोधी रवैया स्पष्ट हो गया है।<br>‎<br>‎उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व का तहे दिल से स्वागत और सराहना करती हैं&comma; जिन्होंने इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद के समक्ष प्रस्तुत किया। यदि यह विधेयक पारित हो जाता&comma; तो यह देश भर की लाखों महिलाओं के लिए गौरव और प्रगति का एक निर्णायक क्षण होता। ‎इस बैठक में संगठन महामंत्री भिखू भाई दलसानिया&comma; प्रदेश महामंत्री राधा मोहन शर्मा &comma;पूर्व मंत्री रमा निषाद&comma; सजल झा&comma; प्रीति शेखर&comma;और अनामिका पासवान&comma;सिद्धार्थ शम्भू सहित प्रदेश पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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