रिमोट से घटाया जाता था वजन, शिकायत के बाद इंस्पेक्टर ने किया तराजू जब्त!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर <&sol;strong> भरगामा थाना क्षेत्र के अधिकांश दुकानदारों एवं व्यापारियों के द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे इलेक्ट्रॉनिक तराजू अमानक बताया जाता है क्योंकि नाप-तौल विभाग की ओर से ताैलने के उपयोग में लाए जा रहे अधिकतर उपकरणों की जांच नहीं की गई है&period; विभाग की लापरवाही का फायदा दुकानदार एवं व्यापारी जमकर उठा रहे हैं&period; किराना&comma;सब्जी&comma;फल हो या मिठाई खरीदने वाला ग्राहक किसी भी सामान की खरीदारी पर विश्वास के साथ यह नहीं कह सकता है कि उसे सामान सही तौलकर दिया गया है&period; बताया जाता है कि प्रखंड भर के अधिकतर दुकानदारों तथा व्यापारियों के द्वारा बगैर सत्यापित बाट और तराजू का उपयोग किया जा रहा है&period; तौल कांटा और किलो बाट का सत्यापन कर अमानक व्यवसायी के खिलाफ कार्रवाई करने में विभाग के अधिकारी का हाथ कांप रहा है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिलहाल कार्रवाई के अभाव में खुलेआम चल रहा है कांटामारी का धंधा&period; बताया जाता है कि नापतौल विभाग के द्वारा कार्रवाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति किया जाता है&period; जिसके कारण अधिकांश दुकानदार एवं व्यापारी अमानक इलेक्ट्रॉनिक तराजू का धड़ल्ले से उपयोग कर रहा है&period; लेकिन मजाल है जिम्मेदार अधिकारी अमानक इलेक्ट्रॉनिक तराजू का उपयोग करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटा सके&period; बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन के नवीनीकरण की प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा सामने आया है&period; किसानों ने बताया कि दरअसल&comma;बिना नापतौल विभाग के जांच परख के इलेक्ट्रॉनिक तराजू से धोखाधड़ी करते भरगामा थाना क्षेत्र के आदिरामपुर पंचायत अन्तर्गत सुकेला पेट्रोल पंप के बगल के निवासी व्यापारी अशोक कुमार शाह पिता स्वर्गीय भगवान शाह ने किसानों से मक्का की तुलाई के दौरान बार-बार अपना हाथ जेब पर ले जा रहा था&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कई बोरी तुल चुकी थी&comma;लेकिन बार-बार जेब पर हाथ ले जाने का कारण पूछा गया तो वह बोला-खुजली हो रही है&period; लेकिन&comma;जेब तलाशने पर रिमोट मिला&comma;जिससे तुलाई में चोरी पकड़ आयी&period; इसके बाद दर्जनों किसान इकट्ठा होकर पूरे परिक्रिया का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया&period; वीडियो वायरल होने के बाद नापतोल विभाग हरकत में आया और सोमवार को नापतोल विभाग के इंस्पेक्टर संदीप कुमार मंडल ने आरोपी व्यापारी अशोक कुमार शाह पिता स्वर्गीय भगवान शाह के घर पहुंचकर आवश्यक पूछताछ के बाद इलेक्ट्रॉनिक तराजू जब्त कर विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि इस तरीके से बिना रजिस्ट्रेशन के इलेक्ट्रॉनिक तराजू उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी&period; बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रानिक कांटा में सामान तौलकर बेचना जुर्म है और सजा के दायरे में आता है&period; अवैध रूप से बेचते पाए जाने पर छह माह की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है&period; बिना सत्यापन&comma;सील प्लेट व टीन नंबर के तौल कांटे का इस्तेमाल करने वाले दुकानदार पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बिना नवीनीकरण के माप व तौल का काम खुलेआम चल रहा है&comma; ग्राहक हो रहे घटतौली के शिकार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाट-माप विज्ञान विभाग के नियमानुसार हर दो साल बाद बाट&comma;तराजू व इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन &lpar;कांटा&rpar; की जांच होती है&period; बाट पर मोहर लगती है तो इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर जांच के बाद टैग &lpar;सील&rpar; लगती है&period; लेकिन&comma;भरगामा में बड़ी संख्या में बिना मोहर के बांट व बिना नवीनीकरण टैग के कांटे इस्तेमाल किए जा रहे हैं&period; नियम के मुताबिक व्यापारियों को हर साल किलो बांट में स्टैंपिंग कराना होता है&comma;लेकिन व्यापारी स्टैंपिंग नहीं कराते&period; बाजार में आज भी पत्थर ईंट और लोहे के अन्य वस्तुओं से सब्जी की तौल की जाती है&period; इसके कारण उपभोक्ताओं को चूना लगता है&period; उपभोक्ता छले जाते हैं और उन्हें निर्धारित मात्रा में सामान नहीं मिल पाता है&period; साग सब्जी वाले चिल्हर व्यापारी खुलेआम पत्थर&comma;ईंट के बाट से तौलकर सब्जी देते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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