महिला बंध्याकरण की तुलना में परिवार नियोजन का आसान जरिया है पुरुष नसबंदी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;mark><&sol;strong> मिशन परिवार विकास अभियान के तहत जिले में 27 नवंबर से 16 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवारा आयोजित किया जा रहा है। जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो चरणों में संचालित इस पखवारा में महिला बंध्याकरण की तुलना में पुरुष नसंबदी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष शिविर आयोजित किया गया। इसमें परिवार नियोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिये पुरुषों को प्रेरित किया गया। साथ आयोजित शिविर के माध्यम से पुरुष नसबंदी को लेकर लोगों के मन में व्याप्त संकाओं को दूर करते हुए इसके महत्व व उपयोगिता से अवगत कराया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पुरुष नसबंदी&comma; परिवार नियोजन का आसान व सरल उपाय-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवारा &&num;8216&semi;स्वस्थ मां&comma; स्वस्थ बच्चा&comma; जब पति का हो परिवार नियोजन में योगदान अच्छा&&num;8217&semi; की थीम पर मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं व्याप्त हैं। जैसे इस कारण शारीरिक कमजोरी व यौन कमजोरी के भ्रम के कारण लोग पुरुष नसबंदी को अपनाने से हिचकिचाते हैं। जबकि ये पूरी तरह सत्यापित है कि ये परिवार नियोजन का एक विश्वसनीय व सरल तरीका है। पुरुष नसबंदी की तुलना में महिला बंध्याकरण अधिक जटिल है। पुरुष नसबंदी की तुलना में महिला बंध्याकरण के फेल होने की उम्मीद 10 गुणा अधिक होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नसबंदी करा चुके लोग दूसरों को भी इसके लिये करें प्रेरित-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि हाल के वर्षों में पुरुष नसंबदी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पुरुष नसबंदी करा चुके लोगों को दूसरे इच्छुक लोगों के लिये मार्गदशर्क की भूमिका निभानी चाहिये। आगे आकर वे लोगों को बतायें कि महिला बंध्याकरण की तुलना में पुरुष नसबंदी परिवार नियोजन का कितना सरल&comma; आसान व सुरक्षित तरीका है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहित करने के लिये सरकार द्वारा पुरुष नसबंदी कराने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में लाभार्थी को तीन हजार व उत्प्रेरक को चार सौ रुपये देने का प्रावधान है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दो चरणों में संचालित किया जा रहा है पखवारा &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि जिले में पुरुष नसबंदी पखवारा दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। 27 दिसंबर से 03 दिसंबर तक दंपति संपर्क पखवारा संचालित हुआ है। इस दौरान संबंधित क्षेत्र की एएनएम व आशा कार्यकर्ता ने गृह भ्रमण करते हुए पुरुषों से संपर्क किया। इच्छुक पुरुषों की पहचान व संवेदीकरण करते हुए उनका प्री रजिस्ट्रेशन किया गया। वहीं 04 से 16 दिसंबर तक संचालित सेवा पखवारा के तहत इच्दुक लाभार्थियों को नसबंदी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

नगर निकायों में ₹15 लाख तक के कार्यों पर लगी रोक हटाने की मांग

बारिश ने खोली नगर परिषद की तैयारियों की पोल, चुनौती कुआं इलाका बना झील

118 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ महिला गिरफ्तार, 260 ग्राम स्मैक और नगद बरामद!