जिले में 27 नवंबर से 16 दिसंबर तक संचालित होगा पुरूष नसबंदी पखवारा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> मिशन परिवार विकास अभियान के तहत जिले में 27 नवंबर से 16 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवारा का आयोजन किया जायेगा। जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित पुरुष नसबंदी पखवारा दो चरणों में आयोजित किया जायेगा। पहले चरण में 27 नवंबर से 03 दिसंबर तक दंपति संपर्क पखवारा व इसके दूसरे चरण में 04 से 16 दिसंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवारा का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर जरूरी तैयारियां की गयी हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इसे लेकर कई जरूरी दिशा- निर्देश दिये हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य संस्थानों में होगा सास-बहु-बेटी सम्मेलन आयोजित-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी देते हुए डीसीएम सौरव कुमार ने बताया कि इस बार पुरुष नसबंदी पखवारा &&num;8216&semi;स्वस्थ मां&comma; स्वस्थ बच्चा&comma; जब पति का हो परिवार नियोजन में योगदान अच्छा&&num;8217&semi; की थीम पर मनाया जायेगा। अभियान को सफल बनाने में आईसीडीएस&comma; जीविका&comma; बिहार महादलित विकास मिशन सहित संबद्ध अन्य विभागों से जरूरी मदद ली जायेगी। समुदाय स्तर पर लोगों को परिवार नियोजन सेवा से संबंद्धित जानकारी देते हुए इसके उपयोग के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित करने के लिये आशा कार्यकर्ता&comma; आंगनबाड़ी सेविका&comma; जीविका दीदी&comma; विकास मित्रों की मदद ली जायेगी। आयोजन के पहले चरण में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सास-बहु-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अभियान की सफलता में आशा कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के पहले चरण में आशा&comma; आंगनबाड़ी सेविका की मदद से संबंधित पोषक क्षेत्रों में योग्य दंपतियों को चिह्नित किया जायेगा। वहीं दूसरे चरण में योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाएं सहजतापूर्वक उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में आशा कार्यकर्ता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता अपने पोषक क्षेत्र में योग्य दंपतियों से संपर्क स्थापित करते हुए उन्हें परिवार नियोजन के लिये उपलब्ध विभिन्न साधनों की जानकारी देंगी व इसके उपयोग के लिये उन्हें प्रेरित करेंगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>परिवार नियोजन का सरल उपाय है पुरुष नसबंदी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी बेहद आसान है। जो गर्भनिरोध का एक स्थायी व प्रभावी उपाय है। पुरुष नसबंदी ऑपरेशन के आधे घंटे बाद घर वापस जा सकते हैं। ऑपरेशन के दो दिन बाद वो अपना सामान्य कार्य व सात दिन बाद नियमित दैनिक कार्य करने में सक्षम होते हैं। पुरुष नसबंदी कराने पर सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में लाभार्थी को तीन हजार व उत्प्रेरक को चार सौ रुपये दिया जाता है। पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई गलत धारणाएं व्याप्त हैं। जो बेबुनियाद है। इस भ्रम से बाहर आकर परिवार नियोजन में पुरुषों को अभी भागीदारी निभाने की जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बाढ़ NH-31 पर सड़क दुर्घटना के दौरान पटना यातायात पुलिस की त्वरित कार्रवाई

एलपीजी व कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ोतरी के खिलाफ पटना में विरोध, पीएम मोदी का पुतला फूंका

नितिश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तख्त पटना साहिब नतमस्तक हुए