चित्रा त्रिपाठी को समर्पित किया वैशाली अभिनन्दन ग्रन्थ

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हाजीपुर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> वैशाली की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि को छुपाये और सारगर्भित ग्रन्थ वैशाली अभिनन्दन&&num;8221&semi;&lpar;Homage to Vaishali&rpar;&comma; &&num;8220&semi;बज्जिका मन्दाकिनी&&num;8221&semi; पत्रिका एवं मानवाधिकार पर आधारित पुस्तक &&num;8220&semi;मानवाधिकार एक दृष्टि&&num;8221&semi; सार्क देशों में संस्कृति संवाहक और मानवाधिकार टुडे के संपादक डॉ शशि भूषण कुमार जी भेंट किया। डॉ कुमार ने इसके साथ ही चित्रा त्रिपाठी को वैशाली के प्रथम लोकतंत्र&comma; मातृभाषा बज्जिका&comma; भगवान महावीर आम्रपाली और बौद्ध धर्म में आम्रपाली के सात ही महिलाओ के प्रवेश के साथ वैशाली में प्रथम महिला सशक्तिकरण की शुरुआत होने की विस्तृत जानकारी लगभग एक घंटे तक दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी ने कहा कि वैशाली लोकतंत्र की प्रथम धरती और इनकी मातृभाषा बज्जिका बहुत प्यारा लगा और बात के क्रम में उन्होंने पद्मश्री&comma; पद्मविभूषण एवं पद्मभूषण शारदा सिन्हा के &&num;8220&semi;पनिया के जहाज से पलटनीय बनी आइह पिया की चर्चा की और पत्रकार शशि भूषण कुमार जी ने इसमें हुये बज्जिका के प्रयोग को बताया।अंत में गायक कुंदन कृष्णा के लोक गीतों को भी सुना और लोक गीतों का आनंद उठाई।<&sol;p>&NewLine;

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