केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पूर्व राजनयिक वरिष्ठ लेखक गौरीशंकर राजहंस के निधन पर शोक जताया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> केंद्रीय उपभोक्ता मामले&comma; खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा पर्यावरण&comma; वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कई देशों में भारत के पूर्व राजदूत और वरिष्ठ लेखक एवम पूर्व सांसद गौरीशंकर राजहंस का सोमवार की अहले सुबह दिल्ली एम्स में निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।   <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री चौबे ने कहा कि दिवंगत गौरीशंकर राजहंस अनेक देशों में भारत के राजदूत रहे और वे अंतरराष्ट्रीय मामलों के बड़े जानकर थे। एक लेखक के रूप में भी उनकी ख्याति बहुत ज्यादा थी और सांसद के रूप में भी विदेश नीति निर्धारण मामले में उन्होंने अपना अमूल्य योगदान दिया था। इस तरह बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजहंस के निधन से लेखन और विदेश मामले के क्षेत्र में देश की अपूरणीय क्षति हुई है।<&sol;p>&NewLine;

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