यूनिसेफ़ की राष्ट्रीय स्तर की दो सदस्यीय टीम ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में आने वाले सभी तरह के मरीज़ों को दी जाने वाली सुख सुविधाओं को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास करता ती रहता ती है हैं। शिशु मातृ मृत्यु दर को कम करने के साथ ही लिए नियमित टीकाकरण&comma; चिकित्सीय परामर्श&comma; दवा के साथ ही शांत एवं स्वच्छ वातावरण का होना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को कई अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा सहयोग भी किया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से यूनिसेफ़ का नाम आता है। यूनिसेफ़ की राष्ट्रीय स्तर की दो सदस्यीय टीम में स्वास्थ्य प्रमुख लुइगी डी एक्वीनो नों एवं पोषण विभाग के प्रमुख अर्जन डे वग्त के अलावा यूनिसेफ़ बिहार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ शंकर रेड्डी&comma; कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र पांड्या&comma; पोषण अधिकारी रवि नारायण&comma; स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरिता एवं रेखा&comma; क्षेत्रीय सलाहकार शिव शेखर आनंद&comma; पूर्णिया पूर्व के एमओआईसी डॉ शरद कुमार&comma; यूपीएससी माता स्थान के एमओआईसी डॉ एके झा&comma; पूर्णिया कोर्ट के एमओआईसी डॉ नवीन कुमार&comma; बीएचएम विभव कुमार सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य के क्षेत्र में यूनिसेफ़ के द्वारा दिया जाता है सहयोग&colon; डॉ सिद्धार्थ रेड्डी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यूनिसेफ़ बिहार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ शंकर रेड्डी ने बताया कि हमलोगों का लगातार प्रयास रहता है कि बिहार ही नही बल्कि पूरे विश्व में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने लाभार्थियों या निवासियों को हर तरह की सुख सुविधाएं उपलब्ध हो। इसके लिए यूनिसेफ़ का सहयोग हर समय मिलते रहता है। इसी कड़ी में पूर्णिया के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माता स्थान एवं पूर्णिया कोर्ट का निरीक्षण किया गया। क्योंकि चार महीने पूर्व इनदोनों स्वास्थ्य केंद्रों को का निरीक्षण के बाद कायाकल्प योजना के तहत प्रमाणित किया गया था। निर्धारित मापदंड के आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों का विकास&comma; बेहतर सेवाओं की उपलब्धता&comma; स्वच्छ व स्वास्थ्यवर्द्धक माहौल का निर्माण कायाकल्प कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य होता है। जिस पर यूपीएचसी को ने खड़ा उतरते हुए बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अच्छा अंक प्राप्त हुआ था। उसी को लेकर यूनिसेफ़ की ओर से राष्ट्रीय स्तर की टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया है हैं। जिसमें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए मॉडल टीकाकरण कॉर्नर&comma; स्वच्छता&comma; बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट&comma; हॉस्पिटल इंफेक्शन&comma; मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार&comma; स्वच्छ व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता&comma; परिसर की साफ-सफाई का इंतजाम&comma; शौचालय की सुविधा सहित अस्पताल में शांत व स्वच्छ वातावरण के निर्माण को लेकर जांच की किगई या गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>&&num;8211&semi;<strong>जांच टीम के द्वारा विस्तृत रूप से ली गई जानकारी&colon; एमओआईसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूर्णिया पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार ने बताया कि यूनिसेफ़ की ओर से राष्ट्रीय स्तर के दो सदस्यीय टीम के द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माता स्थान एवं पूर्णिया कोर्ट का निरीक्षण किया गया है। क्योंकि अब इन दोनों यूपीएचसी को इंक्वास के द्वारा प्रमाणीकरण किया जाना है। विगत मार्च महीने के पहले सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निरीक्षण करने के बाद माता स्थान यूपीएचसी को कायाकल्प योजना के तहत विजेता घोषित किया गया था तो वहीं पूर्णिया कोर्ट यूपीएचसी को उपविजेता का ख़िताब दिया गया था। इसके बाद यूनिसेफ़ की नेशनल टीम के साथ ही बिहार के कई अन्य वरीय अधिकारियों के द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत निरीक्षण किया गया है। टीम के अधिकारियों द्वारा यूपीएचसी माता स्थान के एमओआईसी डॉ अरविंद कुमार झा एवं पूर्णिया कोर्ट के एमओआईसी डॉ नवीन कुमार से अलग-अलग विभिन्न बिंदुओं के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी ली गई। जांच टीम ने अपने निरीक्षण के माध्यम से पूरी तरह से आश्वस्त दिखी।<&sol;p>&NewLine;

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