प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से बन रहे पुल में किया जा रहा है घटिया सामग्रियों का उपयोग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> जिले के नरपतगंज प्रखंड के फुलकाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत करोड़ों की लागत से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत फुलकाहा से नवाबगंज जाने वाली सड़क में आरसीसी ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।<br>कार्य प्रारंभ 6 मार्च 2021 को किया गया था&comma;कार्य पूर्ण होने की तिथि 5 मार्च 2022 दिखाया गया है। योजना बोर्ड के अनुसार कुल राशि-2&comma;7935059 लाख बताया गया है तथा कार्य संवेदक रोहित राज&comma; नवरतन हाता चौक पूर्णिया&comma; तो वहीं कार्य एजेंसी कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग&comma; कार्य प्रमंडल फारबिसगंज बताया गया है। इस बाबत स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार पुल निर्माण कार्य करा रहे कर्मियों के द्वारा पुल में उजला बालू&comma; सरकारी मानक के विपरीत लोहे की रॉड&comma; सीमेंट&comma; गिट्टी आदि का प्रयोग किया जा रहा है। बताते चलें कि पूर्व में भी कई बार निर्माण को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर समाचार का प्रकाशन किया गया था। समाचार के प्रकाशन के उपरांत संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा जांच कर घटिया सामग्री से काम किए जा रहे ब्रिज का कार्य रुकवा कर&comma; लगाए गए कुछ घटिया सामग्रियों को बाहर निकलवाया गया&comma; इसके बाद कार्य का पुनः प्रारंभ करवाया गया परंतु यह प्रक्रिया कुछ ही क्षणों के लिए रहा। पदाधिकारियों के जाने के पश्चात ही कार्य करा रहे कर्मियों के द्वारा फिर से मनमाने ढंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। निर्माण स्थल पर कार्य करा रहे हैं कर्मी से ग्रामीणों की शिकायत पर संवाददाता के द्वारा पूछा गया कि करोड़ की लागत से बन रहे इस ब्रिज में आपके द्वारा उजले बालू का प्रयोग किया जा रहा है&comma; तो उन्होंने बताया कि यह बालू सिलीगुड़ी का है। स्थानीय गोपाल ट्रेडर्स से खरीदा गया है।वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो सिलीगुड़ी के नाम पर लोकल बालू मिलाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। तथा ऐसा घटिया गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है कि हम लोग अपने मकान में भी वह गिट्टी नहीं लगाते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>क्या कहते हैं लोजपा जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह&colon;- इस बाबत श्री सिंह बताते हैं कि अररिया जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जितने भी विकास का कार्य हुआ है&comma;सभी कार्यों में घपला घोटाला पदाधिकारी के मिलीभगत से किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण कार्य कहीं भी नहीं किया जाता है। यहां तक की अगर स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा कार्यों की शिकायत पदाधिकारी से करते हैं&quest; पदाधिकारी ने लीपापोती कर संवेदक से सांठगांठ कर कार्य को सही ठहरा देते हैं। मैं बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार से मीडिया के माध्यम से कहना चाहते हैं कि पदाधिकारियों की संपत्ति का जांच कराएं सारे घोटाले सामने आ जाएंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समाजसेवी संतोष साह&colon;- बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व ब्रिज में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर समाचार प्रकाशन के बाद कनीय अभियंता के द्वारा जांच कर घटिया सामग्रियों को बाहर किया गया था परंतु फिर संवेदक के द्वारा घटिया बालू&comma; सीमेंट रॉड का प्रयोग किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कौशल कुमार बताते हैं कि कार्यपालक अभियंता फारबिसगंज के मिलीभगत से क्षेत्र में जितने भी निर्माण कार्य हुआ हैं&comma;चाहे ब्रिज हो या फिर सड़क निर्माण कार्य&comma; सारे कार्यों में घपला घोटाला चरम पर है। जबकि यह ब्रिज लगभग तीन करोड़ की लागत से बन रहा है फिर भी घटिया सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बाबत कई मर्तबा संवेदक रोहित राज से मोबाइल संपर्क करना चाहा परंतु रिंग बजने के बाद भी संवेदक श्री राज ने फोन नहीं उठाया।<&sol;p>&NewLine;

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