माटी का नमन, वीरो का वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> आज राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान की ओर से नेहरू युवा केंद्र संगठन पटना &comma; युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय&comma; भारत सरकार द्वारा आयोजित अमृता वाटिका कार्यक्रम पटना साहिब में स्थित मंगल तालाब गांधी सरोवार में माटी का नमन&comma; वीरो का वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया इस मौके पर संस्थान के सचिव अर्पणा बाला ने कहा की प्रकृति समस्त जीवों के जीवन का मूल आधार है। प्रकृति का संरक्षण एवं संवर्धन सभी जीव जगत के लिए बेहद ही अनिवार्य है। प्रकृति पर ही पर्यावरण निर्भर करता है। गर्मी&comma; सर्दी&comma; वर्षा आदि सब प्रकृति के सन्तुलन पर निर्भर करते हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यदि प्रकृति समृद्ध एवं सन्तुलित होगी तो पर्यावरण भी अच्छा होगा और सभी मौसम भी समयानुकूल सन्तुलित रहेंगे। संस्थान के प्रवक्त शिवम जी सहाय सबको संबोधन करते हुए कहे प्रकृति असन्तुलित होगी तो पर्यावरण भी असन्तुलित होगा और अकाल&comma; बाढ़&comma; भूस्खलन&comma; भूकम्प आदि अनेक प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं कहर ढाने लगेंगी। प्राकृतिक आपदाओं से बचने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ प्रकृति का आधार हैं। पेड़ों के बिना प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसीलिए हमारे पूर्वजों ने पेड़ों को पूरा महत्व दिया lवेदों-पुराणों और शास्त्रों में भी पेड़ों के महत्व को समझाने के लिए विशेष जोर दिया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पुराणों में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि एक पेड़ लगाने से उतना ही पुण्य मिलता है&comma; जितना कि दस गुणवान पुत्रों से यश की प्राप्ति होती है। इसलिए&comma; जिस प्रकार हम अपने बच्चों को पैदा करने के बाद उनकी परवरिश बड़ी तन्मयता से करते हैं&comma; उसी तन्मयता से हमें जीवन में एक पेड़ तो जरूर लगाना चाहिए और पेड़ लगाने के बाद उसकी सेवा व सुरक्षा करनी चाहिए। तभी हमें पेड़ लगाने का परम पुण्य हासिल होता है। भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि जिसकी संतान नहीं है&comma; उसके लिए वृक्ष ही संतान है। वृक्ष एक तरह से संतान की तरह ही मानव की उम्रभर सेवा करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वही दूसरी तरफ संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर शाकंभरी ने कहा यदि प्रकृति को ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाए तो कदापि गलत नहीं होगा। पेड़ों पर प्रकृति निर्भर करती है। पेड़ लगाना प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन है और प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन ईश्वर की श्रेष्ठ आराधना है। पटना कार्यालय के अध्यक्ष अंशुमाली ने कहा एक पेड़ लगाने से असंख्य जीव-जन्तुओं के जीवन का उद्धार होता है और उसका अपार पुण्य सहजता से हासिल होता है। एक तरह से पेड़ लगाने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। भारतीय संस्कृति में भी वृक्षारोपण को अति पुण्यदायी माना गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> शास्त्रों में लिखा गया है कि एक पेड़ लगाने से एक यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है। पद्म पुराण में तो यहां तक लिखा है कि जलाशय &lpar;तालाब&sol;बावड़ी&rpar; के निकट पीपल का पेड़ लगाने से व्यक्ति को सैंकड़ों यज्ञों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। केवल इतना ही नहीं भारतीय संस्कृति में एक पेड़ लगाना&comma; सौ गायों का दान देने के समान माना गया है।<br>इस मौके पर संस्थान के प्रवक्त शिवम जी सहाय &comma; प्रोग्राम मैनेजर शाकंभरी&comma; पटना कार्यालय के अध्यक्ष अंशुमली&comma; सहयोग करता प्रेम सिंह त्यागी &comma; संतोषी&comma; पिंटिंग टीचर उपासना तथा समेत ढेर सारे लोग उपस्थित रहे।सभी ने पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

मां मथुरासिनी महोत्सव 2026 पर बरबीघा में निकाली गई भव्य शोभायात्रा

बिहार की बेटी सुचिता सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया प्रदेश का मान

मानव तस्करी रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला, ‘ऑपरेशन नया सवेरा 2.0’ की घोषणा