परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिये संबंधित कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> परिवार नियोजन परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संबंधित कर्मियों के क्षमतावर्द्धन के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी व नवनियुक्त आरएमएनसीएच परामर्शी शामिल हुए। परिवार नियोजन सेवा से संबंधित परामर्श सेवाओं को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाने व लाभार्थियों को उचित परामर्श देकर परिवार नियोजन को बढ़ावा देने को लेकर आयोजित कार्यशाला का उद्द्घाटन सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने किया। मौके पर डीआईओ डॉ मोईज&comma; डॉ स्नेहा किरण&comma; डीपीएम संतोष कुमार&comma; जिला योजना सलाहकार राकेश कुमार&comma; जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सौरव कुमार&comma; पीएसआई इंडिया के जिला प्रबंधक सत्येंद्र नारायण&comma; कैशलेश कुमार शुक्ला सहित अन्य मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>लाभार्थियों तक सही व उचित जानकारी पहुंचाना जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में लाभार्थियों तक सही व उचित जानकारियों की पहुंच जरूरी है। इसके लिये संबंधित कर्मियों के क्षमतासंवर्धन को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। सिविल सर्जन ने कहा कि परिवार नियोजन परामर्श सेवाएं केवल जागरूकता ही नहीं&comma; बल्कि सही जानकारी देकर लाभाथिर्यों को इसके लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से जरूरी है। इसके लिये कर्मियों को नवीनतम जानकारी&comma; आधुनिक साधनों के उपयोग संवेनशील परामर्श तकनीकों के संबंध में प्रशिक्षित करना प्रशिक्षण का उद्देश्य है। कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व 04 जांच को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रसव संबंधी जटिलता&comma; इसकी पहचान व ससमय इसके निदान संबंधी जानकारी कर्मियों को दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>उचित परामर्श से मातृ-शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण संभव<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला कार्यक्रम समन्वयक संतोष कुमार ने कहा कि सही परामर्श के जरिये अनचाहे गर्भधारण को रोका जा सकता है। साथ ही मातृ-शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने व जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिहाज से भी यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के क्रम में कर्मियों को स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सभी गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग&comma; उनके लाभ व संभावित दुष्प्रभावों से कर्मियों को अवगत कराया गया है। प्रबंधक पीएसएस इंडिया के जिला प्रबंधक सत्येंद्र नारायण ने परामर्श की मूलभूत जानकारी&comma; परामर्श का महत्व व परिवार नियोजन की सफलता के आवश्यक तत्वों&comma; परामर्श के सिद्धांत&comma; एक प्रभावशाली परामर्शदाता के गुण व प्रवृति&comma; अच्छे परामर्श के तत्व व परामर्श के दौरान ध्यान रखने वाले बातों की जानकारी संबंधित कर्मियों को दी।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

28 लीटर देशी शराब के साथ दो गिरफ्तार!

राजीव नगर में निजी भूखंड पर निर्माण रोकने का आरोप, अलका देवी ने डिप्टी सीएम से की जांच की मांग

इमलीतल फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी रोहन कुमार गिरफ्तार, तीन देशी कट्टा व छह कारतूस बरामद!