महिला कॉलेज में सफाई कर्मी पद से हटाए जाने के विरोध में तीन कर्मियों ने धरना पर बैठे

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">औरंगाबाद&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> शहर के मुख्य कॉलेजों में शामिल किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज में कॉलेज प्रशासन द्वारा मनमानी तरीके से दो सफाई कर्मी एवं एक माली कर्मी को पद से हटाए जाने के बाद कॉलेज कर्मी कॉलेज के मुख्य द्वारा पर ही धरना पर बैठे हैं। इधर कॉलेज प्रषासन द्वारा तीन कर्मियों को पद से हटाये जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस मामले को लेकर अन्य कॉलेज कर्मियों में तनाव व्याप्त है। वही प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हो रहा है। धरना के तीसरे दिन जब मीडिया कर्मियों ने पहुंचा और समस्या जानने का प्रयास किया तो पता चला कि कॉलेज में 2018 से सफाई कर्मी के पद पर पदस्थापित दो कर्मी नेपाली राम एवं टूषा देव तथा एक माली कर्मी चितरंजन कुमार सिंह को बिना किसी वजह के प्राचार्य द्वारा हटा दिया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हटाये जाने का कारण जानने का प्रयास किया तो कॉलेज के प्राचार्य द्वारा गाली गलौज करते हुए कर्मियों को ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। कर्मियों ने बताया कि प्राचार्य द्वारा मनमाने तरीके से हमलोग को हटाया गया हैै। अगर कोई गलती या कोई उपर से हटाने का लेटर रहता तो सभी को मालूम चलता। हटाने का कारण भी स्पष्ट नही किया गया है। नेपाली राम ने बताया कि हटाने का कारण है नये लोगों को मोटी रकम लेकर रखना। छह माह पर कर्मियों का हटाकर दूसरे नये लोगों से मोटी रकम लेकर रखते हैं। यही प्राचार्य का कमाने का तरीका बन गया है। अगर हमलोग को हटाने से पहले बोलते से सरकार से निर्देष या नोटिस आया है तो खुद हमलोग हट जाते लेकिन न तो कोई लेटर आया है और न कोई निर्देष है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हमलोगो का नियुक्ति का पत्र सरकार द्वारा मिला था तभी 2018 में बहाल हुए थें। स्वीपर टुषा देवी ने बताया कि अगर किसी भी कर्मी को कोई गलती होता है तो उसे पहले नोटिस दिया जाता है। स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया सीधा हटा दिया गया जो कॉलेज प्राचार्य द्वारा सरासर गलत है। माली कर्मी चितरंजन कुमार सिंह ने बताया कि हमलोग इस मामले को लेकर कोर्ट तक जायेंगे। कॉलेज प्रषासन की मनमानी नहीं चलेगा। शनिवार को धरना के तीसरे दिन बैठे हैं लेकिन कॉलेज प्रषासन द्वारा कोई हमलोग के लिए संतोषजनक वार्ता भी नहीं किया गया। इधर पद से हटाये जाने के बाद तीनो कर्मियों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर ही रात-दिन धरना पर बैठे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों से भी मांग कर रहे हैं कि हमलोग को उचित न्याय दिया जाए। इधर इस संबंध में कॉलेज प्राचार्या रेखा सिंह ने बताया कि जिन कॉलेज कर्मियों को पद से हटाया गया है उनलोगों द्वारा प्राचार्य पर लगाये गये आरोप गलत है। कोर कमेटी द्वारा जांच के बाद बेहतर कार्य नहीं किये जाने के कारण हटाया गया है। उनलोग द्वारा सरकारी नौकरी की मांग की जा रही थी। समय पर कार्य भी सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। इसलिए जब ठीक से कार्य करने को बोला गया तो सरकारी नौकरी पर रखने को बोला जा रहा था। लेकिन कमेटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार सही कार्य नही पाये जाने के कारण हटा दिया है। उन्होंने बताया कि वैसे उनलोगों से वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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