टीबी नोटिफिकेशन में सहयोग को तीन पेशेंट प्रोवाइडर सपोर्ट एजेंसी को दी गयी है जिम्मेदारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से इतर निजी क्षेत्र के निबंधित क्लीनिकों&comma; अस्पतालों&comma; डॉक्टरों तथा पैथोलॉजिकल लैब आदि से मिलकर टीबी नोटिफिकेशन को पूर्ण और सटीक बनाने के लिए पेशेंट प्रोवाइडर सपोर्ट एजेंसी के रूप में राज्य सरकार ने तीन पार्टनर्स का चयन किया है&period; ये तीनों स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्थाएँ हैं&period; इनके नाम है &colon; वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स &lpar;डब्यूएचपी&rpar;&comma; डॉक्टर्स फॉर यू &lpar;डीएफआई&rpar; एवं ट्राई&period; इन तीनों को 33 जिलों के लिए काम सौंपा गया है&period; इन तीनों एजेंसियों द्वारा रोजाना जानकारी इकठ्ठा कर निक्षय पोर्टल पर अपडेट कर रहे हैं&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य यक्ष्मा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार&comma; ट्राई को सारण&comma; गोपालगंज&comma; सिवान&comma; पश्चिमी चंपारण&comma; पटना&comma; नालंदा एवं अरवल यानी सात जिलों का दायित्व सौंपा गया है&period; डॉक्टर्स फॉर यू को औरंगाबाद&comma; गया&comma; नवादा&comma; जहानाबाद&comma; लखीसराय&comma; शेखपुरा&comma; मुंगेर&comma; वैशाली&comma; बेगुसराय&comma; समस्तीपुर&comma; जमुई&comma; खगड़िया&comma; शिवहर&comma; भोजपुर&comma; कैमूर&comma; बक्सर एवं रोहतास अर्थात 17 जिलों का तथा वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स को राज्य के 9 जिलों यथा अररिया&comma; पुर्णिया&comma; कटिहार&comma; किशनगंज&comma; भागलपुर&comma; बांका&comma; मधेपुरा&comma; सुपौल और सहरसा में काम करने की जिम्मेदारी दी गयी है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उल्लेखनीय है कि टीबी मुक्त समाज निर्माण के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति ने अधिक से अधिक टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए निजी क्षेत्र के लिए निर्देश जारी किया था&period; इसके अनुसार&comma; टीबी निरोधी क्लिनिकल संस्था&comma; फार्मेसी एवं दवा विक्रेताओं को टीबी रोगी के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी राज्य&sol;जिला टीबी अधिकारी&sol; नोडल पदाधिकारी को हार्ड अथवा सॉफ्ट कॉपी में देना अनिवार्य है&period; डॉ&period; बी&period;के&period;मिश्र&comma; अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; यक्ष्मा ने बताया कि इससे राज्य में वास्तविक टीबी मरीजों की संख्या का अनुमान एवं टीबी रोगियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी&period; वहीं&comma; टीबी की दवा लिखने एवं बेचने वालों द्वारा टीबी रोगियों के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने से रोगियों का सटीक आंकलन किया जा सकेगा&period;<&sol;p>&NewLine;

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