एनक्वास प्रमाणीकृत होंगें प्रत्येक प्रखंड के तीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का सफल संचालन स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है। सुदूरवर्ती इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराने व विभिन्न बीमारियों के इलाज में होने वाले लोगों के खर्च को सीमित à¤•रने के उद्देश्य से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सफल संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वेलनेस सेंटर की मदद से प्रारंभिक अवस्था में गंभीर रोगों का पता लगाने&comma; इसका उपचार सुनिश्चित कराने&comma; मातृ-शिशु संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं सहित विभिन्न एनसीडी रोगों पर नियंत्रण संबंधी उपायों को मजबूती मिली है।  इसे और बेहतर बनाने के साथ-साथ अब स्वास्थ्य विभाग एचडब्ल्यूसी के माध्यम से राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने की कवायद कर रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एनक्वास प्रमाणीकृत बनाने की हो रही पहल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य विभाग जिले में संचालित एचडब्ल्यूसी के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने की पहल कर रहा है। जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि इसके लिए जिले के चिन्हित एचडब्ल्यूसी को एनक्वास प्रमाणीकृत बनाने की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर से भी इसे लेकर जरूरी आदेश दिए गए हैं। एनक्वास प्रमाणीकरण को लेकर जिले के प्रत्येक प्रखंड से तीन एचडब्ल्यूसी को चिन्हित किया जा रहा है। चिन्हित एचडब्ल्यूसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर एनक्वास प्रमाणीकृत बनाने की पहल की जायेगी। इसके लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की जायेगी। जो संस्थान की कमियों का आकलन करते हुए इसे एनक्वास व कायाकल्प प्रमाणीकरण के अनुरूप तैयार करने में अपना जरूरी सहयोग प्रदान करेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्राथमिकताओं में शुमार है एचडब्ल्यूसी का सफल संचालन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि एचडब्ल्यूसी का सफल संचालन विभागीय प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हुई है। वहीं बड़े संस्थानों पर मरीजों का दबाव भी कम हुआ है। इससे बड़े संस्थानों में सेवाओं की गुणात्मकता में सुधार हुआ है। एचडब्ल्यूसी की मदद से सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके में बसे लोगों को 14 तरह के डायगोनेस्टिक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है। फिलहाल 12 तरह की सेवाएं लोगों को उपलब्ध है। इसी तरह अनिवार्य दवाओं की सूची में शामिल कुल 150 दवाओं में से फिलहाल एचडब्ल्यूसी पर 90 से 100 तरह की दवाएं लोगों को उपलब्ध होने की जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एनक्वास से सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर ओपीडी सेवा&comma; एनसीडी स्क्रीनिंग&comma; टेलीमेडिसिन&comma; एएनसी जांच&comma; परिवार नियोजन संबंधी सेवा व परामर्श सेवाओं का लाभ लोगों को सहजता पूर्वक उपलब्ध कराया जा रहा है। वेलनेस सेंटरों पर हर महीने आयोजित होने वाला विशेष स्वास्थ्य शिविर लोगों को लिए खास तौर पर उपयोगी साबित हो रहा है। जिले में संचालित एचडब्ल्यूसी को अधिक कारगर व उपयोगी बनाने को लेकर निरंतर पहल की जा रही है। जिले के चिह्नित एचडब्ल्यूसी को एनक्वास प्रमाणीकृत बनाने का प्रयास भी इसी कड़ी का हिस्सा है। ताकि एचडब्ल्यूसी के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ लोगों को मिल सके।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

स्वर्गीय रामबाबू राय जी के छठी पुण्यतिथि पर उनके स्मृति में आयोजित महिला फुटबॉल – सतीश राजू

डीएम ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में लंबित कार्यों पर सख्त रुख अपनाया, अधिकारियों को शो-कॉज के निर्देश

मुख्यमंत्री ने विधायक आवासन योजना अंतर्गत विधान परिषद् अतिथि निवास का किया शुभारंभ