पटना साहिब गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी भाई राजेंद्र सिंह की मौत से शोक की लहर, आखिर कैसे हुई मौत?

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&lpar;रॉबिन राज&comma; न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon; <&sol;strong>तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथि 70 वर्षीय भाई राजेंद्र सिंह का निधन आज सुबह हो गया है। जिसको लेकर गुरुद्वारा में मातम पसरा हुआ हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संदिग्ध अवस्था में खून से लथपथ थे मुख्य ग्रंथी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीते 13 जनवरी को पटना साहिब गुरुद्वारा कैंपस के आवास में सुबह करीब 8 बजे भाई राजेंद्र सिंह संदिग्ध अवस्था में अपने कमरे में खून से लथपथ मिले थे&comma; जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भर्ती किया गया था&comma; जहां उनका इलाज चल रहा था और उनकी हालत में लगातार सुधार भी हो रहा था&comma; लेकिन रविवार की देर रात 2&colon;45 बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुत्र ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद पार्थिव शरीर को तख्त साहिब में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा देर शाम उनका अंतिम संस्कार खाजेकलां घाट पर किया जाएगा।&nbsp&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मौत की गुत्थी अब तक अटकी है-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य ग्रंथी की मौत कैसे हुई यह अब तक स्पष्ट रूप से सामने नही आया है। उनकी गर्दन कृपाण से कट गई थी। यह अब तक तय नहीं हो सका था कि किसी ने हत्‍या के लिए उनकी गर्दन काटी&comma; या फिर उन्‍होंने खुद ही आत्‍महत्‍या की कोशिश की थी। ज्ञात हो कि पटना साहिब गुरुद्वारा की सुरक्षा में बीएमपी के 14 कॉन्स्टेबल के साथ कई सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। फिर भी इस तरह की घटना होना यह सोचने वाली बात है। फिलहाल पुलिस मनोवैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है।<&sol;p>&NewLine;

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