शिवरात्रि या रामनवमी के अवसर पर सिर्फ जुलूस निकालने से कुछ नहीं : राकेश कपूर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि रामनवमी या महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पटना सिटी में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में रंगीन पट्टा ओढ़कर राजनीतिक कार्यकर्ता अपने को कट्टर हिन्दू और स्वयं को धर्म का रक्षक साबित करने की होड़ में लगे रहते हैं। नाच गाने के साथ लाउड स्पीकर पर तेज आवाज में संगीत की धुन बजा कर धर्म का भोंडा प्रदर्शन करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मैं इन तथाकथित सनातन धर्म के छद्म रक्षक व रहनुमाई करने वालों से पूछना चाहता हूं कि अगर आप सबों के मन में महादेव शिव शंकर और भगवान राम के प्रति इतनी ही श्रद्धा है तो उनके प्राचीन मंदिरों की हिफाजत और उनका पुनरोद्धार क्यों नहीं करते&quest;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मैं उनका ध्यान फुलौड़ी गंज &lpar;केशव राय घाट&comma; फुलौड़ी गली&rpar; और लालटेन गली चौक&comma; पटना सिटी के बीच स्थित गोसाई कटरा के नाम से मशहूर अति प्राचीन शिव मंदिर की ओर ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं। इस मंदिर महत्ता बैकठपुर के शिव मंदिर से कम नहीं है । <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह मंदिर केशव राय घाट&comma; फुलौड़ी गली&comma; चौक&comma; पटना सिटी के वार्ड सं०२६-३२-५१-६६ के सर्किल नं०१४३ के प्लाट सं०३३५ में स्थित है। 18वीं शाताब्दी से पूर्व का यह प्रचीन मंदिर धर्मकंटक और अतिक्रमणकारियों से लड़ते हुए अपनी बदहाली पार आंसू बहा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं दूसरी ओर श्री राम भक्त पं&period; शिवदत्त मिश्र के मंदिर की चर्चा करना समीचीन होगा। चिमनी घाट पर राज्यपाल द्वारा आवंटित जमीन पर सिखों ने भव्य गुरूद्वारा निर्माण कर लिया गया है। साथ ही सरकार के सहयोग से घाट का नाम तक बदल कर कंगन घाट कर दिया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कहा जाता है कि बालकाल में श्री गुरूगोबिन्द सिंह महराज ने इसी घाट पर नदी में अपने हाथ का कंगन फेंका था और पंडित शिव दत्त को श्री राम के रुप में दर्शन दिए थे। अपने को सनातन धर्म के रक्षक कहने वाले बंधु गुरुद्वारा निर्माण के साथ-साथ श्री राम मंदिर निर्माण की मांग क्यों नहीं करते&quest;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिरों की रक्षा व संरक्षण के लिए सभी जन जब जागरुक होंगे तभी धर्मों का बचाव हो सकता है। सभी धर्मों में उन धर्मकंटकों की भरमार है जो अपने निजी स्वार्थ के लिए अधर्म कर अपना स्वार्थ सिद्ध करते रहते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राकेश कपूर ने ऐसे लोगों से अपील की है कि कृपया धर्म को राजनीति से नहीं जोड़े। राजनीति में धर्म का को हथियार नहीं बनाए। ऐसे लोगों को परमात्मा कभी माफ़ नहीं करेगा।<&sol;p>&NewLine;

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