प्रसव कराने आयी महिला रातभर सदर अस्पताल का चक्कर काटते रही

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">नालंदा&lpar;राकेश&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार शरीफ नालन्दा जिले के सदर अस्पताल बिहारशरीफ से मे जहाँ हाड़ कंपा देने बाली कड़कड़ाती ठंड के बीच एक प्रसव कराने आयी महिला रातभर सदर अस्पताल का चक्कर काटते रही। लेकिन महिला डॉक्टर सदर अस्पताल बिहारशरीफ जे रातभर फरार रही। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इतना ही नही उसे प्रसव कराने तक का प्रयास भी नही किया गया और सीधे रेफर कर दिया गया। इस बात की शिकायत परिजनों ने जब सीएस व डीएस से किया तो वह भी अनसुना कर दिए। जिसके प्रसव कराने आयी गरीब महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जहां जच्चा बच्चा दोनो सुरक्षित है।बता दे कि अस्थावां थाना क्षेत्र के महम्मदपुर निबासी सुनील कुमार की पत्नी अलीशा कुमारी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ में भर्ती कराया था। जहां उसे चेकअप तो कर लिया। लेकिन ड्यूटी से डॉ प्रियंका फरार थी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसके बाद उसे वहां से रेफर कर दिया गया। अब सबाल उठता है कि किया सिर्फ सदर अस्पताल को रंगरोगन कर देने व टाईल्स पर टाईल्स बिछा देने से अस्पताल का चरित्र ठीक हो जायेगा&comma; किया गरीब महिला इसी तरह कड़ाके की कंपकपाती ठंड में अस्पताल की चक्कर लगाते रहेगी&comma; अगर किसी भी तरह की घटना होती तो इसका सीधा जिम्मेदार कौन होता।<&sol;p>&NewLine;

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