मौसम ने अचानक करवट ली, तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> गुरुवार की दोपहर बाद राजधानी पटना समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली&period; तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी&period; फुलवारी शरीफ इलाके में भी बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया&period;लोगों ने घर की छतों और बरामदों में खड़े होकर मौसम का आनंद लिया&period; बच्चों ने गलियों और सड़कों पर भीगते हुए खूब मस्ती की&period; लंबे समय बाद आई इस बारिश ने तपती धूप और उमस से राहत दिलाई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हालांकि बारिश के कारण कई सड़कों और गलियों में जलजमाव की स्थिति बन गई&period; फुलवारी शरीफ के इसापुर&comma; चौराहा चुनौती कुआं सदर बाजार और खलीलपुरा मोहल्लों में जल निकासी की समस्या सामने आई&period; कई जगहों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई&period; हालांकि बारिश थमने के बाद कुछ घंटे में ही पानी निकल गया और लोगों को बड़ी राहत मिली&period;स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई समय पर नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी जलजमाव हो जाता है&period; नगर परिषद से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई है&period; वहीं दूसरी ओर&comma; किसानों के चेहरे पर बारिश से मुस्कान लौट आई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है&period; खासकर सब्जियों और दलहनी फसलों को इससे लाभ पहुंचेगा&period; मौसम विभाग ने आने वाले दो-तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है&period;अभी जो बारिश हो रही है या अगले 1-2 दिन में होने की संभावना है&comma; वो रबी सीजन की फसलों की कटाई के बाद वाली स्थिति को देखते हुए और ग्रीष्मकालीन &lpar;ज़ायद&rpar; फसलों को ध्यान में रखते हुए कुछ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है&period; भिंडी&comma; लौकी&comma; नेनुआ&comma; परवल&comma; कद्दू जैसी सब्ज़ियां को फायदा होगा&period;इनकी बुआई गर्मी में होती है और शुरुआती सिंचाई की ज़रूरत होती है&period;हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बनी रहती है जो अंकुरण और बढ़वार के लिए फायदेमंद है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गर्मी की मूँग और उड़द &lpar;दलहन फसलें&rpar;ये मार्च-अप्रैल में बोई जाती हैं और शुरुआती नमी से अंकुरण अच्छा होता है। हल्की बारिश इन फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है&comma; बशर्ते जलजमाव न हो&period; मक्का &lpar;ग्रीष्मकालीन मक्का&rpar;<br &sol;>इसमें भी बारिश से मिट्टी की नमी सुधरती है जिससे फसल अच्छी बढ़ती है&period;खासकर उस खेत में जहां सिंचाई की व्यवस्था कमज़ोर हो&comma; वहां बारिश काफी सहायक है&period;गन्ना &lpar;जहां इसकी बुआई हो चुकी हो&rpar;गन्ना बोने के बाद अच्छी नमी चाहिए होती है&period;बारिश इसकी शुरुआती जड़ों के विकास में मदद करती है&period;फलदार पौधे &lpar;जैसे पपीता&comma; आम को भी यह बारिश काफी फायदेमंद होगा।<&sol;p>&NewLine;

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