तिरहुत स्नातक चुनाव में निर्दलीय का चुनाव जीतना संविधान की जीत है

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तिरहुत&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> उपचुनाव के परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राकेश रौशन ने कहा कि आज के चुनाव परिणाम मेरे पक्ष में नहीं हैं&comma; लेकिन यह सभी राजनीतिक दलों के लिए एक ऐसा अवसर है जहां उनके अहंकार को जनता के निर्णय के सामने झुकना पड़ा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार का जीतना लोकतंत्र की सच्ची जीत है। यह स्पष्ट करता है कि जनता ने पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को नकारते हुए लोकतंत्र के मूल मूल्यों का सम्मान किया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राकेश रौशन ने उन सभी सहयोगियों और समर्थकों का धन्यवाद किया जिन्होंने पूरे चुनाव अभियान के दौरान उनका साथ दिया। साथ ही&comma; उन्होंने मीडिया के प्रति भी आभार प्रकट किया&comma; जिन्होंने यह तथ्य बार-बार उजागर किया कि पार्टी समर्थित उम्मीदवार देना संविधान की मूल सोच के खिलाफ है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अपने संघर्ष को मात्र चार महीनों का नहीं&comma; बल्कि आने वाले चालीस वर्षों के लिए सुनहरे भविष्य की नींव बताया। उन्होंने कहा&comma; आगाज़ भले ही मेरे पक्ष में नहीं हुआ हो&comma; लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारूंगा। जनता के हर सुख-दुख में मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा और न्याय की लड़ाई लड़ता रहूंगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राकेश रौशन ने अंत में कहा कि जनता के लिए उनके संघर्ष का जज्बा उनके खून में है और यह आगे भी निरंतर जारी रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नितिश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तख्त पटना साहिब नतमस्तक हुए

हड़ताल से नहीं लौटने वाले भू-राजस्व पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज : मंत्री

मुख्यमंत्री ने जे०पी० गंगा पथ अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का किया निरीक्षण