प्रसव कराने के नाम पर बहला फुसलाकर उससे ₹5 हज़ार ठग फरार हो गई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">नालंदा&comma; राकेश।<&sol;mark><&sol;strong> ख़बर नालंदा से आ रही है जहां लाल ख़ून के नाम पर मरीज़ के साथ खिलवाड़ किए जाने का ताज़ा मामला प्रकाश में आया है&period; सदर अस्पताल बिहारशरीफ में प्रसव पीड़ा के बाद देर रात इलाज के लिए पहुंची प्रसूता और उसके परिजनों को जांच करवाया गया तो सदर अस्पताल की एक आशाकर्मी जिसका नाम प्रीती बताया जाता है&period; उसने प्रसूता को बढ़िया से प्रसव कराने के नाम पर बहला फुसलाकर उससे ₹5 हज़ार ठग फरार हो गई&period; जब पीड़ित परिवार उसे ढूंढा तो वह अभी तक नहीं मिली और थक हारकर इसकी शिकायत सदर अस्पताल डीएस डॉ&period; अशोक कुमार को दिया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> पीड़िता का पति जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह नगर थाना क्षेत्र के इमादपुर मोहल्ले का रहने वाला है&period; नगर निगम के वार्ड संख्या 26 का सफ़ाई कर्मी है&period; उसकी पत्नी का नाम रागनी कुमारी 19 साल है जिसे शादी के बाद पहला बच्चा पुत्र रत्न का प्राप्ति हुआ है&period; उसने बताया कि देर रात पत्नी को जब प्रसव पीड़ा हुआ तो निजी क्लीनिक की वजाय सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचा जहां पहुंचते ही एक आशाकर्मी उसे मिली और डिलीवरी कराने की बात पूछकर प्रसूता का अल्टासाउंड करवाया फिर प्रसूता में हिमोग्लोबिन कमी होने की बात बता उसे ख़ून व्यवस्था कराने के नाम पर ₹6 हज़ार का मांग किया&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उस वक्त जितेंद्र के पास मात्र ₹3000 था उसने आशाकर्मी को दे दिया फिर उसे और पैसा इंतज़ाम करने को कहा गया जब वह पैसा लेकर घर से आया तो दो हज़ार रुपए और दिया उस समय प्रसूता को डिलीवरी हो गया था और उसके बाद वह अस्पताल में गायब है&period; जब जच्चा और बच्चा सही सलामत है तो फिर पैसा क्यों ली उसे ढूंढने गया तो नहीं मिली&period; फिल्हाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वास्थ है&period; वहीं&comma; सदर अस्पताल के डीएस डॉ&period; अशोक कुमार ने बताया कि इसकी जानकारी अभी नहीं है मुझे आपके माध्यम से मिल रहा है&comma; लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> साथ ही ब्लड बैंक से कल शाम 5 बजे के बाद एक भी यूनिट ख़ून नहीं गया है&period; वहीं एक साल पूर्व ही इस तरह के एक मामले में एक मरीज़ से ₹7 हजार किसी आशाकर्मी ने लिया था जिसका उजागर जब राज्य स्तरीय टीम सदर अस्पताल पहुंची थी तो उस वक्त प्रसव पीड़िता की मां ने किया था&period; मिशन 60 और क्वालिटी के तहत नालंदा सदर अस्पताल की सूरत तो बदल दी गई लेकिन सीरत जस की तस है&period; जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले की स्वास्थ व्यवस्था का यह हाल है तो बाकी जगहों का किया होगा यह आप देख समझ कर अंदाज़ा लगा सकते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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