जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में टेलीमेडिसीन कंस्लटेंसी की भूमिका महत्वपूर्ण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार में कई ऐसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां पर गरीब या साधन विहीन मरीजों को इलाज के लिए कोसों दूर काफ़ी कठिनाइयों का सामना करने के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना पड़ता है। इसी तरह की समस्याओं को दूर करने के लिहाज़ से ई संजीवनी सेवा उपलब्ध कराई गई है। जिसके माध्यम से किसी भी प्रकार की बीमारियों से संबंधित ग्रामीण या उनके अभिभावक सीधे तौर पर ऑनलाइन के माध्यम से जुड़कर चिकित्सकों से सलाह लेते हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि<br>जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और लोगों को सीधे तौर पर इसका लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेलीमेडिसीन कंस्लटेशन की सुविधाएं दी जा रही हैं। जिसके माध्यम से जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों के द्वारा क्षेत्र के मरीजों को सीधे तौर पर ऑनलाइन जुड़ कर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सुदूर ग्रामीण इलाकों की आम जनमानस को इस अभियान से काफी सहूलियत मिल रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>विशेष रूप से आयोजित टेलीमेडिसिन कंस्लटेंसी में 147 प्रतिशत के साथ पूर्णिया को मिला सातवां स्थान&colon; डीपीसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला योजना समन्वयक डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह और जिलाधिकारी कुंदन कुमार के दिशा निर्देश व सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग अपने लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। राज्य में ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीमेडिसीन द्वारा प्रतिदिन चिकित्सीय परामर्श दिया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे बुधवार को विशेष रूप से टेलीमेडिसिन की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। दरअसल जिले के अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है। जिले में 339 आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कार्यरत हैं। जिसके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विशेष रूप से बुधवार को आयोजित टेलीकंस्लटेंसी में à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ में 147 प्रतिशत के साथ जिला को à¤¸à¤¾à¤¤à¤µà¤¾à¤‚ स्थान मिला था। क्योंकि जिला में 2360 लक्ष्य के मुकाबले 3534 कॉल को रिसीव कर टेलीकंस्लटेंसी की गयी थी। à¤¶à¥‡à¤· दिन शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति करने में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण हम जैसे सीएचओ की भूमिका चुनौतीपूर्ण&colon; आशा कुमारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>कसबा प्रखंड के सरोचियां स्थित आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आशा कुमारी ने बताया कि ई-टेलीमेडिसीन कंस्लटेंसी के माध्यम से सामान्य रूप से स्वास्थ्य के अलावा मातृ और शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी प्रकार की चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही टीबी&comma; फाइलेरिया &lpar;हाथीपांव और हाइड्रोसील&rpar;&comma; डेंगू&comma; मलेरिया&comma; कुष्ठ&comma; हाइपरटेंशन&comma; सर्दी&comma; खांसी&comma; बुखार&comma; बीपी&comma; शुगर&comma; अर्थराइटिस जैसी बीमारियों के लिए चिकित्सीय सेवाएं के साथ ही बचाव और सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी किया जाता है। वहीं परामर्श केंद्र पर परिवार नियोजन&comma; पोषण&comma; एड्स&comma; कैंसर&comma; तंबाकू उपयोग के दुष्परिणाम के लिए उचित सलाह दी जाती है। मधुमेह&comma; उच्च रक्तचाप एवं किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की जांच की जाती है।<&sol;p>&NewLine;

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