स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सामुदायिक रेडियो की भूमिका महत्वपूर्ण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>4 दिसंबर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जनजागरूकता के लिए बुधवार को यहाँ राज्य के नौ सामुदायिक रेडियोकर्मियों का दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला शुरू हुआ&period; स्वैच्छिक संस्था सीकिंग मॉडर्न अप्लीकेशंस फॉर रियल ट्रांसफार्मेशन &lpar;स्मार्ट&rpar; द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में रेडियो मयूर &lpar;छपरा&rpar;&comma; रेडियो गूँज &lpar;हाजीपुर&rpar;&comma; रेडियो मयूर &lpar;छपरा&rpar;&comma; रेडियो स्नेही &lpar;सीवान&rpar;&comma; रेडियो रिमझिम व रेडियो वर्षा &lpar;दोनों गोपालगंज&rpar; तथा रेडियो एक्टिव व रेडियो ग्रीन &lpar;दोनों भागलपुर&rpar; आदि के संचारकर्मी भाग ले रहे हैं&period; कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए स्मार्ट की संस्थापक निदेशक अर्चना कपूर ने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता के लिए और सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन का पहुंचाने में सामुदायिक रेडियो की बड़ी जिम्मेवारी है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कालाजार रोग और इसके उन्मूलन के बारे में राज्य के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी &lpar;वेक्टर बोर्न डिजीज&rpar; डॉ&period; अशोक कुमार ने बताया कि राज्य से कालाजार का उन्मूलन तकनीकी रूप से जरूर हो गया है&period; लेकिन इसका ख़तरा टला नहीं है&period; इसलिए सावधानी और सतर्कता अभी भी जरूरी है&period; इसलिए इसे लेकर समुदाय में निरन्तर संचार जरूरी है&period; सामुदायिक रेडियो की इसमें भूमिका बड़ी हो जाती है&period; उन्होंने साफ़-सफाई रखने और जीवन-शैली में सुधार के लिए &OpenCurlyDoubleQuote;क्या करे और क्या न करें” बताने का आग्रह किया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>टीबी रोग और इसके उन्मूलन के बारे में राज्य के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी &lpar;वेक्टर बोर्न डिजीज&rpar; डॉ&period; बी&period; के&period; मिश्रा ने बताया कि टीबी कभी भी और किसी को भी हो सकता है&period; इसलिए किसी भी सर्दी-खाँसी को हल्के में लेकर टाले नहीं&period; टीबी का सम्बन्ध आपके खानपान से भी है&period; यदि पौष्टिक आहार नहीं है तो यह ज्यादा परेशान कर सकता है&period; इसलिए लोगों को उनको उनके व्यवहार परिवर्तन के बारे में भी समझाने की जरूरत है&period; उन्होंने बताया कि इसके उन्मूलन के लिए देशव्यापी प्रयास हो रहे हैं और कई योजनाएँ चल रही हैं&period; आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाना जरूरी है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की कंट्री हेड &lpar;हेल्थ एण्ड जेंडर कम्युनिकेशन&rpar; पूजा सहगल ने बताया कि किसी भी नई योजना और कार्यक्रम को बनाने और उसे लागू करने में आरम्भ में परेशानी होती है&period; आम लोगों को इसके बारे में समझाने और उनको सहमत करने में शुरुआती दिक्कत आती है&period; ऐसे में सामुदायिक रेडियो अपने-अपने इलाके में जनमत निर्माण और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं&period; उन्होंने अपील की कि सही तथ्यों के साथ सृजनात्मकता का उपयोग करते हुए आम जनमानस और अपने श्रोताओं को सही जानकारी दें और प्रचार-प्रसार में सहयोग करें&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में पिरामल के प्रशान्त कुमार सहित राकेश कुमार&comma; स्वाति&comma; संतोष कुमार&comma; प्रवीण तिवारी आदि ने भी अलग-अलग विषयों पर विचार व्यक्त किये&period; कार्यशाला का संचालन स्मार्ट की संस्थापक निदेशक अर्चना कपूर ने किया&period;<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

विकलांग शराब कारोबार को पुलिस ने गिरफ्तार किया!

प्रेम यूथ फाउंडेशन के स्वयंसेवको ने नशा मुक्त होली का दिया संदेश

पुलिस ने होली पर्व और नेपाल में 5 मार्च को हो रहे चुनाव को लेकर निकाला फ्लैग मार्च