टीबी के आंकड़ों की गुणवत्ता और उपयोग में होगा सुधार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग&comma; भारत सरकार एवं सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन &lpar;सी &period;डी&period;सी&period;&rpar; समर्थित एक्सपैंड एलिवेट- ई2 प्रोजेक्ट जुलाई 2021 से भोजपुर एवं वैशाली जिले में क्रियांवित है&period; ई2 प्रोजेक्ट का उद्देश्य नैदानिक एवं कार्यक्रम प्रबंधन के लिए स्थानीय टीबी डाटा की गुणवत्ता और उपयोग में सुधार लाना है&period; इसके तहत डाटा एनालिटिक्स में क्षमतावर्धन तथा डाटा आधारित निर्णय लेने की योग्यता में वृद्धि किया जाता है&period; केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग&comma; नयी दिल्ली से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजना का विस्तार चरणबद्ध तरीके से राज्यों के शेष जिलों में किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बाबत राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; यक्ष्मा डॉ&period; बाल कृष्ण मिश्र ने अपर उपाधीक्षक-सह-सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी&comma; संचारी रोग &lpar;यक्ष्मा&rpar; को पत्र जारी कर परियोजना के विस्तार संबंधित जानकारी दी है&period; ई2 प्रोजेक्ट के विस्तार के तहत अब पटना&comma; नालंदा&comma; बक्सर&comma; सारण&comma; सिवान&comma; गोपालगंज&comma; मुजफ्फरपुर&comma; पूर्वी चंपारण&comma; पश्चिम चंपारण&comma; शिवहर और सीतामढ़ी जिलों में इसे क्रियांवित किया जाना है&period; अगले चरण में राज्य के शेष जिलों में परियोजना का विस्तार किया जाएगा&period;<br>मालूम हो कि डाटा की गुणवत्ता और सटीकता की योजना और नीति निर्माण में अहम भूमिका है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डाटा की उच्च गुणवत्ता से रियल टाइम में नए मामलों की पहचान संभव होती है&period; इससे टीबी के अधिक मामले वाले क्षेत्र को ट्रैक करना आसान हो जाता है&period; सटीक डाटा यह सुनिश्चित करता है कि एमडीआर टीबी के मरीजों का पता शुरूआती चरणों में ही लग जाए&period; इससे उनके लिए विशेष उपचार जैसे बीपाल्म प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है&period; उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालयों को देश या क्षेत्र में टीबी के वास्तविक बोझ की सही तस्वीर दिखाते हैं&comma; जिससे प्रभावी राष्ट्रीय रणनीतियाँ बनाई जा सकती हैं&period; टीबी के दवाओं&comma; नैदानिक मशीनों और चिकित्सा कर्मचारियों को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर भेजा जा सकता है जहाँ संक्रमण दर सबसे अधिक है।<&sol;p>&NewLine;

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