बिहार के दुग्ध उत्पादक संघों के अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान की मांग की

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत<&sol;strong> &colon; बिहार स्टेट मिल्क कॉ-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड &lpar;कॉम्फेड&rpar; के अंतर्गत आने वाले सभी दुग्ध संघों के अध्यक्षों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को कम से कम 5 रुपये प्रति लीटर दूध पर अनुदान देने की मांग रखी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री को सौंपे गए अनुरोध पत्र में वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय कुमार&comma; तिरहुत दुग्ध संघ मुजफ्फरपुर की अध्यक्षा सुशीला देवी&comma; मिथिला दुग्ध संघ के अध्यक्ष उमेश राय&comma; शाहाबाद दुग्ध संघ के अध्यक्ष अजय कुमार&comma; मगध दुग्ध संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार&comma; विक्रमशीला दुग्ध संघ के अध्यक्ष अशोक यादव और कोशी दुग्ध संघ के अध्यक्ष देवनारायण यादव ने कहा कि राज्य में दूध उत्पादन मुख्य रूप से सीमांत किसानों द्वारा किया जाता है&comma; जिनके पास 1-2 गाय या भैंस होती हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि पशुओं के चारा&comma; आहार&comma; दवा और रख-रखाव पर अधिक खर्च होने के बावजूद उन्नत नस्ल के अभाव में दूध उत्पादन कम होता है&comma; जिससे लागत अधिक और आमदनी कम रहती है&period; इस कारण गरीब पशुपालकों को श्रम के अनुसार उचित लाभ नहीं मिल पाता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अध्यक्षों का कहना है कि यदि प्रति लीटर 5 रुपये का अनुदान दिया जाए तो पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी&comma; पलायन घटेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे&period; मौके पर पटना डेयरी प्रोजेक्ट के एम डी रूपेश राज सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे&period;<&sol;p>&NewLine;

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