विश्व जन रंग महोत्सव में नाटक पंचम वेद का मंचन : नाट्यशास्त्र और वेदों का गहरा संबंध दिखाया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित &colon;<&sol;strong> एकजुट सभागार&comma;भूसौला दानापुर में एकजुट नाट्य संस्था द्वारा आयोजित विश्व जन रंग महोत्सव में एक विशेष प्रस्तुति अमन कुमार के निर्देशन में देखने को मिली&period; प्रस्तुत संगीतमय नाटक &&num;8216&semi;पंचम वेद&&num;8217&semi; ने दर्शकों को उत्साहित कर दिया&period; यह नाटक भारत रंग महोत्सव के नाटकों में विश्व रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया&period;नाटक में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया&period;मुख्य भूमिका में रोहन राज ने भरतमुनि का किरदार निभाया&comma; जबकि प्रेम कुमार&comma; प्रशांत कुमार&comma;राधा कुमारी&comma; ने ऋषियों की भूमिकाएं निभाईं&period;नाटक में वेदों और रंगमंच गहरा समावेश दिखा &period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महर्षि कपूर के अनुसार&comma; यह नाटक भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और रंगमंच के महत्व को प्रकट करता है&period; नाटक में वेदों और रंगमंच के बीच के गहरा समावेश दिखा<br>जिसे कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया&period;इस प्रस्तुति ने न केवल मनोरंजन का माध्यम बना&comma; बल्कि दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ा&period; दर्शकों ने इस प्रस्तुति की भरपूर सराहना की&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाटक में संगीत&comma; नृत्य और अभिनय का सुंदर समावेश देखने को मिला&comma; जिसने पटना की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध बनाया&period; स्थानीय दर्शकों ने इस प्रस्तुति की भरपूर सराहना की&period; यह आयोजन भारतीय रंगमंच की समृद्धि और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने में सफल रहा&period;<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

होली को लेकर फुलकाहा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक

फारबिसगंज अवर निबंधक सह विवाह पंजीकरण पदाधिकारी ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखा कर किया रवाना

बलुआही धार को सफाई करने की उठने लगी मांग