गुरूद्वारा और बाललीला गुरुद्वारा की द्वारा की जा रही मनमानी से क्षेत्र की जनता त्रस्त : राकेश कपूर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने एक बयान जारी करते हुए बताया है कि ताजा मामला गुरु बाललीला का है जहां प्रबंधन द्वारा बोरिंग किए जाने से निकलने वाली पानी युक्त मिट्टी से स्थानीय नागरिक पिछले एक सप्ताह से परेशान हैं। कीचड़ युक्त पानी की वजह से अगल बगल की नालियां जाम हो गई है फलस्वरूप सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। इससे लोगों के फिसलने का डर बना हुआ है। इससे दुर्घटना भी हो सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मालूम हो कि यह सिद्धपीठ छोटी पटन देवी मंदिर का मुख्य मार्ग है। सैकड़ों स्कूल कालेज के बच्चे इधर से आते जाते हैं। मुख्य मंडी मारूफगंज&comma; मंसूरगंज से पचासों ठेला गुजरता है। पिछले दस दिनों से रास्ता चलना दुश्वार हो गया है। नगर निगम मुकदर्शक बना हुआ है। मुहल्ले वाले त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन सभी नालों के पानी का बहाव दरिवाबाज बहादुर गली से होकर गुरूगोबिन्द पथ के बड़े नाले में होता है जिस कारण छोटी पटन देवी गली&comma; हरिमंदिर गली का कुछ भाग व दरिवाबाज बहादुर गली में पनी का जमाव पिछले एक सप्ताह से बना हुआ है और बड़ी आबादी परेशान है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राकेश कपूर ने प्रशासन से जानना चाहा है कि इन गुरुदारों द्वारा इस प्रकार के मनमाने निर्माण में स्थानीय प्रशासन की इजाजत रहती है कि नहीं &quest; उन्होंने कहा यही कि पुराने निर्माण के मलवों से इन लोगों ने गंगा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों को पहले से ही भर कर सरकार से मिले जमीन पर गुरुद्वारा निर्माण कर लिया है और ईर्द गिर्द के जमीनों को भर दिया है।<br &sol;>जनता गुरुदारा के इन कारगुजारियों से परेशान है।<&sol;p>&NewLine;

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