मोदी जी से पटना की जनता जानना चाहती है कि पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिया गया : एजाज अहमद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा और एनडीए खेमे में जो बेचैनी और घबराहट है&comma; उसी के फलस्वरुप कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पटना में रोड शो करना पड़ रहा है। जहां पहले से ही बिहार की जनता प्रधानमंत्री के जुमलाबाजी से तंग आ चुके है &comma;वहीं अब रोड शो के माध्यम से आमजन को और परेशानियों क्यों देना चाहते है&comma; जबकि 17 महीने में श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के उपमुख्यमंत्री रहते हुए महागठबंधन सरकार ने जो 5 लाख के करीब गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र देकर ऐतिहासिक कार्य किया है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उसके प्रति लोगों का विश्वास और समर्थन तेजस्वी जी के नेतृत्व के प्रति देखने को मिल रहा है और बिहार का हर नौजवान जॉब शो को पसंद कर रहा है&comma; जनता से किए गए वादे और रोजगार के मामले पर भाजपा पूरी तरह से चुप है &comma;जबकि तेजस्वी ने केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार के तर्ज पर नौकरी और आरक्षण व्यवस्था लागू करने की बात की है &comma; लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही पटना में रोड शो कर रहे हैं क्योंकि बिहार का नौजवान जॉब शो चाहता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एजाज ने भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं से पूछा है कि जब-जब चुनाव आता है&comma; तब तब मोदी जी अपने भाषणों में वादे और भ्रम का जाल बिछा कर लोगों से वोट तो ले लेते है&comma; लेकिन पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने से इन्कार कर दिया। फिर भी किस उम्मीद के साथ वह पटना में रोड शो कर रहे हैं जबकि पटना में बेहतर शिक्षा का वातावरण के निर्माण के लिए पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मोदी जी ने 2014 और 2019 में जो वादे किए थे बिहार में हवाई अड्डा के निर्माण तथा एम्स के निर्माण के संबंध में वह अब तक पूरे नहीं हुए हैं। जहां धर्म और भ्रम की बातें की जाती हैं। क्या एनडीए की डिक्शनरी में नौकरी &comma;रोजगार और बिहार को विकास की श्रेणी में लाने के प्रति कोई रुचि नहीं है।<&sol;p>&NewLine;

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