आपदा के वक्त भी नहीं रुकेगी इलाज की रफ्तार, एम्स पटना ने शुरू किया राष्ट्रीय प्रशिक्षण अभियान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। स्वास्थ्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए एम्स पटना ने 23 से 28 फरवरी 2026 तक &OpenCurlyDoubleQuote;हॉस्पिटल प्रिपेयर्डनेस फॉर हेल्थ इमरजेंसीज़” विषय पर छह दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है&period; इस कार्यक्रम में बिहार&comma; पंजाब और मध्य प्रदेश के अस्पताल प्रशासक भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं&comma; महामारी और सामूहिक दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों के दौरान अस्पतालों की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाना है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों। कार्यक्रम में हॉस्पिटल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ&period; सुजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि यह प्रशिक्षण अस्पताल प्रशासकों को व्यावहारिक और रणनीतिक समझ देगा&period; चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; अनुप कुमार और डीन डॉ&period; संजय पांडेय ने संकट के समय स्पष्ट आपात योजना और प्रशिक्षित तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने नियमित मॉक ड्रिल और कानूनी प्रावधानों के पालन के साथ सक्रिय आपदा प्रबंधन की जरूरत बताई। इस पहल के जरिए एम्स पटना ने सुरक्षित और सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को फिर दोहराया है।<&sol;p>&NewLine;

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