अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर पटना विमेन्स कॉलेज के विद्यार्थियों ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर ईको टास्क फोर्स एवं प्राणी विज्ञान विभाग&comma; पटना विमेन्स कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को &&num;8220&semi;टाइगर्स&colon; गार्डियंस ऑफ बायोडायवर्सिटी&&num;8221&semi; विषय पर फेस पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से बाघ एवं जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। बाघ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण से न केवल वन पारितंत्र सुरक्षित रहता है&comma; बल्कि अनेक अन्य जीव-प्रजातियों एवं जैव विविधता का भी संरक्षण सुनिश्चित होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने फेस पेंटिंग के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण&comma; पर्यावरणीय जिम्मेदारी और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया। रंगों से सजी आकर्षक कलाकृतियों ने भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता को दर्शाया। प्रतियोगिता में अनुष्का कुमारी एवं ताशु प्रिया ने प्रथम&comma; श्रेया सुमन एवं नंदिनी कुमारी ने द्वितीय तथा श्रिति शालिनी एवं सलोनी कुमारी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्राणी विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिकाओं डॉ&period; बबीता शर्मा एवं डॉ&period; अपराजिता ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और संरक्षण संबंधी संदेशों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण का दूत बनने के लिए प्रेरित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का सफल समन्वय ईको टास्क फोर्स के उपाध्यक्ष एवं प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ&period; सुमीत रंजन के मार्गदर्शन में हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा ही संरक्षण की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी व्यवहार अपनाने तथा वन्यजीवों एवं प्राकृतिक पारितंत्र के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि बाघों का संरक्षण केवल एक प्रजाति को बचाने का प्रयास नहीं&comma; बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिक संतुलन और मानव जीवन के भविष्य की रक्षा का संकल्प है।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

राजस्व वसूली में शेखपुरा बिहार में दूसरा, DTO बेबी कुमारी और ESI काजल कुमारी सम्मानित

भूमि विवाद और बड़े बकायेदारों पर अपर समाहर्ता शेखपुरा सख्त, बॉडी वारंट निष्पादन के दिए निर्देश

शेखपुरा डीएम के आदेश पर जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता जांची गई