30 वर्ष की आयु के बाद सामान्य लोगों के दिल की जांच संख्या में हो रही है वृद्धि

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> सभी सामान्य लोगों को नियमित जिंदा रहने के लिए दिल के धड़कन का लगातार धड़कना आवश्यक है। अगर दिल के धड़कने में समस्या होती है तो ग्रसित व्यक्ति की तत्काल मृत्यु हो सकती है। 30 वर्ष की आयु के बाद सभी सामान्य लोगों के हृदय की धड़कन में किसी प्रकार की परेशानी होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे लोगों को साल में एक बार नजदीकी अस्पताल में हृदय की जांच जरूर कराई जानी चाहिए जिससे कि संबंधित व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए ग्रसित पाए जाने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सकीय जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके और लोग स्वास्थ्य रह सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले के सभी प्रखंडों के अस्पतालों में नियमित लोगों की हो रही हृदय जांच &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि 30 वर्ष के बाद लोगों के व्यस्त जीवनशैली के कारण हृदय गति में समस्या होने से लोग बीमारी का शिकार हो सकते हैं। सीने में दर्द&comma; घबराना&comma; धड़कन में तेजी&sol;धीमा होना&comma; सांस का फूलना&comma; चक्कर आना&comma; उच्च ब्लड प्रेशर&comma; डाइबिटीज&comma; बहुत समय से धूम्रपान का सेवन&comma; दिल के दौरे या हृदय लय में गड़बड़ी होने के कारण हो सकता है। ऐसे व्यक्ति को तत्काल चिकित्सक से जांच करवाते हुए आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना चाहिए ताकि व्यक्ति लंबे समय तक स्वास्थ्य रहते हुए सामान्य जीवन का लाभ उठा सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी अस्पतालों में सामान्य व्यक्ति के हृदय गति जांच के लिए संचालित किया जाता है ईसीजी मशीन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि 30 आयुवर्ग के बाद सभी सामान्य व्यक्ति के हृदय गति की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रखंडों के अस्पतालों में ईसीजी जांच सुनिश्चित किया जाता है। इसके लिए सभी प्रखंडों में ईसीजी मशीन कार्यरत हैं। ईसीजी मशीन से किसी भी व्यक्ति के हृदय गति की जांच करते हुए संबंधित व्यक्ति के हृदय संबंधित परेशानी की पहचान करते हुए ग्रसित मरीजों को तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि संबंधित व्यक्ति स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकता है। जिले के सभी प्रखंडों के अस्पतालों में ईसीजी मशीन कार्यरत हैं जहाँ किसी भी हृदय व्यक्ति की जांच करते हुए ग्रसित व्यक्ति को उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक सभी प्रखंडों में 35 हजार 213 मरीजों की हुई है ईसीजी जांच &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक हृदय संबंधित समस्या जांच के लिए ईसीजी मशीन में 35 हजार 213 मरीजों की जांच सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025 से संचालित ईसीजी मशीन में अगस्त महीने में 03 लोगों की जांच हुई है। सितंबर माह में 34&comma; अक्टूबर में 219&comma; नवंबर में 449&comma; दिसंबर में 01 हजार 262&comma; वर्ष 2026 में जनवरी में 01 हजार 904&comma; फरवरी में 02 हजार 362&comma; मार्च में 02 हजार 707&comma; अप्रैल में 03 हजार 705&comma; मई में 03 हजार 462&comma; जून में 04 हजार 981&comma; जुलाई में 05 हजार 720&comma; अगस्त में 04 हजार 939 और सितंबर माह में 26 सितंबर तक 03 हजार 466 व्यक्ति की जांच करते हुए ग्रसित पाए जा रहे मरीजों को तत्काल उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लोग हृदय रोग ग्रसित होने से सुरक्षित होते हुए स्वास्थ्य जीवन का लाभ उठा रहे हैं। सभी प्रखंड अस्पतालों में 30 वर्ष की आयु के बाद सामान्य व्यक्ति के हृदय गति की जांच के लिए ईसीजी मशीन संचालित किया जा रहा है जहाँ ग्रसित पाए जा रहे व्यक्ति को तत्काल जांच करते हुए उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कि व्यक्ति हृदय रोग ग्रसित होने से सुरक्षित होते हुए सामान्य जीवन का लाभ उठा रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय

मुर्गा दुकानदार की गला रेतकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी

पटना में ‘Skate for a Safer Tomorrow’ रोड सेफ्टी स्केटिंग मैराथन आयोजित