फुलवारी में लगातार बारिश से फिर ढह गयी झोपड़ी की मिट्टी की दीवार!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत यादव।<&sol;strong> फुलवारी में लगातार बारिश से फिर एक कच्ची &lpar;मिट्टी वाली&rpar; झोपड़ी की दीवार ढह गयी&comma; 2 दिनों में लगातार दो मौत से झोपड़ी में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है&period; दरअसल प्रखंड के परसा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरैचा गांव में रविवार को लगातार हो रही बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह गया&comma; जिसकी चपेट में आकर 50 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई&period; मृतक की पहचान नागेन्द्र साव &lpar;पिता-रामजीवन साव&rpar; के रूप में हुई है&period; वह अपने भाई बरगिंदर के साथ रहता था&period; मृतक की पत्नी उससे अलग रहती थी और उसकी कोई संतान भी नहीं थी&period; उसके माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है कि नागेन्द्र अत्यंत गरीब परिवार से था और उसी कच्चे मकान में वर्षों से रह रहा था&period; सीपीआई &lpar;एमएल&rpar; के स्थानीय नेता ललिन पासवान ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुकी दीवार और छत अचानक भरभरा कर गिर गई&period; उसी मलबे में दबकर नागेन्द्र की दर्दनाक मौत हो गई&period; हादसे के समय वह उठ भी नहीं पाया क्योंकि उसका एक पांव फाइलेरिया के चलते हाथी पांव जैसा हो गया था&period; वही नागेंद्र की मौत के बाद उसके भाई भोजाई वह परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हुआ जा रहा था आज पड़ोस की महिलाएं सांत्वना दे रही थी&period;घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने परसा बाजार थाना पुलिस को दी&comma; जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया&period; ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वही स्थानीय विधायक गोपाल रविदास एवं प्रखंड सचिव गुरुदेव दास&lpar; सीपीआईएमएल &rpar; पासवान ने कहा कि यह घटना आपदा की श्रेणी में आती है&period; लगातार बारिश के कारण गरीब बस्तियों में खतरा मंडरा रहा है&period; उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही फुलवारी शरीफ प्रखंड अंतर्गत हिंदुआनी मुसहरी में खुद्दी मांझी में दीवार गिरने से एक राजेश मांझी के 6 साल के बच्चे की मौत हो चुकी है&period; सरकार हर गरीब को पक्का मकान देने का वादा करती है&comma; लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है&period; नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रखंड में सर्वे कर कच्चे मकानों की पहचान की जाए और तत्काल मदद दी जाए ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।<&sol;p>&NewLine;

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