जीविका दीदियों की कड़ी मेहनत : आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए तैयार की खास ड्रेस

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शेखपुरा&comma; à¤‰à¤®à¥‡à¤¶ कुमार<&sol;strong> &colon; शेखर आनंद&comma; जिला पदाधिकारी शेखपुरा द्वारा ट्राइसैम भवन शेखपुरा में सिलाई घर सह प्रशिक्षण केंद्र द्वारा स्कूली पोशाक का निर्माण&comma; पूर्व-स्कूली &lpar;आंगनबाड़ी&rpar; बच्चों को विभागीय ड्रेस का वितरण।महिला सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा। स्थानीय &&num;8216&semi;जीविका दीदी सिलाई घर सह प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र&&num;8217&semi; में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच विभागीय दिशा-निर्देशानुसार स्कूली पोशाक &lpar;यूनिफॉर्म&rpar; का वितरण किया गया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस केंद्र की खास बात यह है कि ये सभी ड्रेस किसी बड़ी फैक्ट्री में नहीं&comma; बल्कि स्थानीय जीविका दीदियों द्वारा स्वयं तैयार की गई हैं। यह कदम न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाता है&comma; बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी भी बना रहा है। गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर वितरण के दौरान अधिकारियों और जीविका दीदियों ने बताया कि इन पोशाकों को तैयार करने में कपड़े की गुणवत्ता और बच्चों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से दीदियों को आधुनिक मशीनों पर सिलाई का हुनर सिखाया गया है&comma; जिससे वे अब बड़े ऑर्डर समय पर और फिनिशिंग के साथ पूरे कर रही हैं।सशक्तीकरण की नई मिसाल कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने जीविका दीदियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि &&num;8220&semi;जब ग्रामीण महिलाएं खुद उत्पादन की कमान संभालती हैं&comma; तो न केवल परिवार की आय बढ़ती है&comma; बल्कि पूरे समाज में बदलाव दिखता है। आज बच्चों के चेहरे की मुस्कान इन दीदियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।<&sol;p>&NewLine;

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