श्री राम कथा का भव्य आयोजन, स्वामी श्री चंदन जी महाराज ने भगवान राम की महिमा का व्यख्यान किया

<p>&lbrack;Edited By&colon; Robin Raj&rsqb;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>पटना&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong>&colon; शिक्षांजली पटना के तत्वाधान में तीन दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन राजीव नगर स्थित केसीएच रिसोर्ट में किया गया&period; कथा का वाचन राष्ट्रीय युवा संत स्वामी श्री चंदन महाराज जी द्वारा किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;<p>कथा के प्रथम दिन स्वामी जी ने भगवान राम की महिमा का व्यख्यान किया&period; उन्होंने बताया कि श्री राम का भाव है सदैव रहने वाली सत्ता भाव जिसका न ही जन्म होता है न ही मरण। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तब उसके नाम के आगे स्वर्गीय लग जाता है&comma; लेकिन जब अवतारी पुरुष अपनी लीला को समेट कर इस धरा से जाते हैं तो उनके नाम के आगे स्वर्गीय नहीं लगता&comma; क्योंकि वह सत्ता अविनाशी है। आगे चंदन महाराज जी ने बताया कि श्री राम कण-कण में रमण करने वाली शक्ति है और श्री राम की कथा श्रवण करने से इंसान भवसागर से पार हो जाता है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>उन्होंने कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि प्रभु की कथा श्रवण करने के लिए भगवान भोलेनाथ ऋषि अगस्त्य जी के आश्रम में जाते हैं और प्रभु की पावन पुनीत कथा को श्रवण कर धन्य हो जाते हैं। गरुड़ जी भी जब भगवान राम और लक्ष्मण को नागपाश में बंदा देखते हैं तो उनके मन में संशय उत्पन्न हो जाते हैं। फिर वह हनुमान जी के कहने पर भगवान भोलेनाथ के पास जाते हैं और प्रभु की कथा को श्रवण करते हैं&comma; तद्पश्चात प्रभु की कथा को श्रवण कर उनके मन के सारे संशय दूर होते हैं&period; अंत स्वामी जी द्वारा प्रभु श्री राम के अवतार की गाथा सुनाई गई।<&sol;p>&NewLine;

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