प्रसूति की जान परिजन रात भर न्याय के लिए लगाती रही गुहार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नालंदा&lpar;राकेश कुमार&rpar;&colon;<&sol;strong> जिला का एकमात्र आईएसओ प्रमाणित सदर अस्पताल बिहार शरीफ की व्यवस्था और डॉक्टर और कर्मियों के आचरण के वजह से प्रसूति की जान चली गई। मामला शनिवार की अहले सुबह की है जहां बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पिछले 3 दिनों से लखिसराय के सूर्यगढ़ा निवासी सुमित कुमार की पत्नी राधा कुमारी अपने पहले बच्चे के डिलीवरी के लिए भर्ती थी। डिलीवरी के दौरान राधा कुमारी ने एक बच्ची को जन्म दिया उसके बाद राधा कुमारी की स्वास्थ्य खून की कमी के कारण बिगड़ने लगी जिसके कारण बीती रात उसकी मौत अस्पताल में हो गई। परिजनों ने बताया की डॉक्टर ने कहा ब्लड चाहिए हम लोग 2 यूनिट ब्लड दिए भी लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है की बिहारशरीफ सदर अस्पताल में ब्लड बैंक होने के बाबजूद भी हमलोग जरूरत के अनुसार ब्लड उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जिस वजह से राधा कुमारी की मौत हो गई। प्रसूति के मौत के बाद रात भर परिजन रोते बिलखते रहे न्याय की मांग करते रहे लेकिन न ही अस्पताल प्रबंधकों द्वारा पुलिस को बुलाया गया और परिजन के द्वारा बिहार थाना पुलिस को कॉल करने पर घंटो तक घंटी बजती रही लेकिन किसी ने फोन नही उठाया। जबकि इस बीच राधा कुमारी के ससुराल पक्ष के लोग सदर अस्पताल आकर प्रसूति का शव जोर जबरदस्ती से अपने साथ लेकर फरार हो गए।ससुराल पक्ष के लोगो ने हैवानियत की हद को पार करते हुए नवजात बच्चे को भी मारने की कोशिश की। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के वजह से प्रसूति की जान चली गई।<&sol;p>&NewLine;

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