बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम के साथ सिविल सर्जन ने किया दौरा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> ज़िले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने दौरा कर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया । उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को स्वास्थ्य से संबंधित कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। वर्तमान समय में ज़्यादा पानी होने के कारण संक्रमण फैलने की संभावना बनी रहती है। जिस कारण दवा&comma; मेडिकल टीम के साथ ही अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर यथाशीघ्र उचित प्रबंध करते हुए जिला मुख्यालय सहित स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। क्योंकि भारी बारिश के कारण जिले के कुछ भागों में बाढ़ का संकट गहरा चुका है। फ़िलहाल कितने क्षेत्रों में पानी ने तबाही मचाई हैं। उसका आकलन करना भी जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संक्रमण से बचाव को लेकर शुद्ध व ताज़े पानी का करें सेवन&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन ने कहा बाढ़ग्रस्त इलाकों में डायरिया&comma; चिकनगुनिया&comma; डेंगू&comma; टायफाइड&comma; गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस&comma; मलेरिया&comma; नेत्र व चर्मरोग जैसी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इससे बचाव को लेकर लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि पानी को हमेशा उबाल कर पीना चाहिए। गर्म एवं ताज़े भोजन का उपयोग करें&comma; शुद्ध पेयजल के लिए क्लोरिन का इस्तेमाल करें। जहां तक संभव हो सके गीले कपड़ों से परहेज करें। खुले इलाकों में मल त्याग के बाद इससे अच्छी तरह से ढकने की प्रक्रिया को अपनाने की जरूरत है क्योंकि बाढ़ के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन किसी को सूचना दिए बग़ैर अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा पहुंच गए। स्थानीय प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राज आर्यन&comma; बीएचएम व बीसीएम सहित स्टाफ़ नर्स से स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही व्यवस्था के संबंध में बातचीत की । इसके साथ ही इलाज कराने के लिए आये ग्रामीण मरीजों से भी पूछ-ताछ कर मौजूद चिकित्सकों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया । बाढ़ प्रभावित इलाकों जैसे&colon; डगरुआ&comma; बैसा&comma; बायसी एवं अमौर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा करने के बाद संबंधित अस्पताल परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह&comma; यूनिसेफ़ के सलाहकार शिव शेखर आनंद सहित कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>चिमनी डुमरिया गांव स्थित अस्पताल में दवा भंडारण सहित टीकाकरण का लिया जायज़ा&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा पहुंच कर चिकित्सा पदाधिकारी के साथ विभिन्न वार्डो का निरीक्षण के साथ ही प्रसव कक्षा&comma; टीकाकरण केंद्र&comma; ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति&comma; दवा भंडारण सहित कई अन्य विभागों का निरीक्षण किया गया। वही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसनपुर एवं दमेली का भी औचक निरीक्षण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण रूप से कारगर एवं जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अस्पताल में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। वहीं चिमनी डुमरिया गांव स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र के जर्जर भवन का निरीक्षण भी किया गया। वहाँ दवा भंडारण एवं टीकाकरण से संबंधित फाइलों का अवलोकन किया गया। बताया कि जर्जर भवन का जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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