भगवान शीतलनाथ स्वामी की जन्मस्थली में मनाया गया तीनों आर्यिका माता जी की आठवीं समाधि दिवस

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> भद्दीलपुर डोभी गया दशवें तीर्थंकर देवाधिदेव भगवान शीतलनाथ स्वामी की गर्भ&comma; जन्म कल्याणक भूमि से सुशोभित श्री भद्दीलपुर जी तीर्थ क्षेत्र&comma; डोभी &lpar;गया&rpar; पर दिनांक &&num;8211&semi; 19 जनवरी 2025 को आचार्य श्री 108 चैत्यसागर जी महाराज के संघस्थ तीन आर्यिका माता जी की आठवीं समाधि दिवस सानंद संपन्न हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तीनों आर्यिका माता जी का समाधि दिवस धूमधाम के साथ हुआ आयोजित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी देते हुए उपप्रबंधक उपेन्द्र जैन ने बताया कि भगवान शीतलनाथ स्वामी के गर्भ एवं जन्म कल्याणक स्थली पर आज ही के दिन सन 2017 में तीनों आर्यिका माताजी की श्री भद्दीलपुर जी तीर्थ क्षेत्र&comma; डोभी &lpar;गया&rpar; के समीप &lpar;100 मीटर पहले&rpar; ही एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीनों माता जी का समाधि मरण हो गया था । जिनकी समाधि स्थली पर भव्य वेदी का निर्माण तीर्थ क्षेत्र पर बनाई गई है&comma; जहाँ प्रतिवर्ष बिहार के सभी 13 तीर्थों का प्रबंधन&comma; संवर्धन तथा विकास करने वाली संस्था बिहार स्टेट दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी के अंतर्गत धूमधाम के साथ कार्यक्रम आयोजित की जाता है । इस पावन अवसर पर उनकी समाधि स्थल में विराजित चरण वेदी को फूलों&comma; गुलदस्तों एवं दीपों से खूबसूरत तरीके से सजाकर पूजन आदि कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संध्या समय मन्दिर जी एवं समाधि स्थल पर हुई भव्य मंगल आरती&period;&period;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संध्या समय सभी लोगों ने भगवान शीतलनाथ स्वामी की भव्य आरती करने के पश्चात माता जी की समाधि स्थल पर भी दीपकों से सजाकर आरती की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तीर्थ विकास में सहयोग करने का किया गया निवेदन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बनारस- सम्मेद शिखर राजमार्ग पर स्थित होने के कारण इस तीर्थ पर बनारस की तरफ से आने वाले या शिखर जी की तरफ से आने वाले लगभग सभी दिगम्बर तथा श्वेताम्बर मुनि संघों का रुकाव इस क्षेत्र पर होता है। अत यहाँ कम से कम 10 कमरों की धर्मशाला का निर्माण कराना अत्यंत आवश्यक है। श्री भद्दीलपुर तीर्थ क्षेत्र के उपप्रबंधक उपेन्द्र जैन ने बताया की तीर्थ के मन्दिर पर भव्य एवं विशाल शिखर एवं धर्मशाला निर्माण का कार्य प्रारम्भ है। अतः सभी साधर्मी जैन भाईयों से सहयोग करने का निवेदन किया गया है। रवि कुमार<&sol;p>&NewLine;

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