बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी नियंत्रण संबंधी उपायों की मजबूती में जुटा विभाग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> जिले में बीते दिनों भारी बारिश के कारण बाढ़ का संकट गंभीर रूप ले चुका है। बारिश का सिलसिला थमने के बाद ऊंचे इलाकों से पानी अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में जलजनित बीमारी व विभिन्न तरह की महामारी के प्रसार का खतरा मंडराने लगा है। इस पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर से जरूरी प्रयास में जुट गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप संचालित किया जा रहा है। आवश्यक जांच के बाद लोगों के बीच जरूरी दवाएं नि&colon;शुल्क वितरित की जा रही हैं। वहीं बाढ़ का पानी कम होने के बाद इन इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर&comma; गैमेक्सिन व चूना का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि किसी तरह की महामारी के प्रसार की संभावना को प्रभावी तौर पर नियंत्रित किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रभावित इलाकों में किया जा रहा मेडिकल कैंप संचालित-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीते दिनों नेपाल के तराई इलाके व जिले में हुई मूसलाधार बारिश के कारण जिले के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गये। जिले के कुल नौ प्रखंडों में दो प्रखंड रानीगंज व भरगामा को छोड़ कर शेष सात प्रखंडों के दर्जनों पंचायत बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं। बाढ़ का सबसे अधिक असर सिकटी&comma; पलासी&comma; जोकीहाट&comma; कुर्साकांटा&comma; अररिया&comma; फारबिसगंज व नरपतगंज प्रखंड में देखा जा सकता है। इसकी जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप संचालित किया जा रहा है। जरूरी जांच के उपरांत लोगों को जरूरी दवाएं नि&colon;शुल्क उपलब्ध करायी जा रही हैं। ओआरएस&comma; बुखार व दर्द निवारक दवा प्राथमिकता के आधार पर लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है। संक्रमण के खतरों से बचाव के लिये प्रभावित इलाकों में छिड़काव जारी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित इलाकों में जलजनित बीमारी व विभिन्न तरह के महामारी के प्रसार का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचाव को लेकर आम लोगों से विशेष सतर्कता व सावधानी बरतने की अपील सिविल सर्जन केके कश्यप ने आम जिलावासियों से की है। उन्होंने कहा कि जलजनित बीमारी व किसी तरह के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक जिले में उपलब्ध है। आवश्यकता के हिसाब से हर स्वास्थ्य केंद्र को दवा व छिड़काव के लिये चूना&comma; गैमेक्सिन व ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया गया है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित कराने की पहल की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को इसे लेकर जरूरी निर्देश दिये गये हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बीमारियों से बचाव के लिए करें ये उपाय &semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>-यथासंभव फिल्टर्ड या हल्के गुनगुना पानी का सेवन करें<br &sol;>-घर में बने ताजा व सुपाच्य आहार का सेवन करें<br &sol;>-अच्छे किस्म के एंटीसेप्टिक घोल को साफ पानी में डाल कर स्नान करें<br &sol;>-शरीर में कहीं चोट व कटा होने पर इसे अच्छी तरह से ढक कर रखें<br &sol;>-जलजमाव वाले क्षेत्र में बच्चों को हर हाल में दूर रखें।<&sol;p>&NewLine;

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