मुख्यमंत्री ने हजरत मखदूम साहब के मजार पर चादरपोशी कर मांगी अमन, चैन और तरक्की की दुआएं

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नालंदा&lpar;राकेश&rpar;&colon; <&sol;strong>बिहारशरीफ के महान सूफी संत हजरत मखदूम साहब के आस्ताने पर आज से 660 वां सालाना उर्स शुरू हो गया है । इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बड़ी दरगाह पहुंचे जहां मखदूम साहब के मजार पर चादरपोशी कर बिहार के अमन चैन और तरक्की की दुआएं मांगी । इस मौके पर बड़ी दरगाह और खानकाह &&num;8211&semi; ए &&num;8211&semi; मोअजम्म में 4 करोड़ 57 लाख की लागत से निर्मित दो मुसाफिरखाना का उद्घाटन किया । इसकेअलावे मखदूम-ए-जहां के दूसरे सज्जादानशीं हज़रत हुसैन नौशए तौहीद बल्खी रह&period; के प्रवचनों के संग्रह मौलाना अली अरशद द्वारा लिखी किताब गंजे ला यखफ़ा के उर्द अनुवाद का विमोचन किया &vert;इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहारशरीफ सूफी संतों की भूमि रही है। यहां दोनों समुदाय के संतों ने वर्षो पहले आपसी सौहार्द का संदेश दिया था&comma; जो आज भी कायम है। मखदूम साहब की ख्याति पूरे देश दुनिया में है । सलाना उर्स के मौके पर हजारों लोग इबादत करने के लिए यहां आते हैं । लोगों के ठहरने के लिए यहां दो मुसाफिरखाना का निर्माण कराया गया है ताकि यहां आने वाले जायरीन को किसी तरह की कोई तकलीफ ना हो । इस मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां&comma; मखदूम साहब के गद्दीनशीन पीर साहब &comma;नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर &comma;एसपी अशोक मिश्रा के अलावे कई लोग मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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