आंगनबाड़ी केन्द्रों पर हुआ गोदभराई दिवस का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कटिहार&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं द्वारा क्षेत्र की नए गर्भवती महिलाओं को पोषण व टीकाकरण सम्बंधित जानकारी देते हुए गोदभराई दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र में उपस्थित महिलाओं को गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित खान पान व टीकाकरण की विशेष जानकारी दी गई। जानकारी हो कि महिलाओं को गर्भावस्था के समय बेहतर खानपान और टीकाकरण सम्बंधित जानकारी देने के लिए प्रत्येक महीने के 7 तारीख को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म का आयोजन किया जाता है। जिसमें 7 से 9 महीने की गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें सेविकाओं द्वारा आवश्यक जानकारी दी जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मातृत्व पोषण की दी गई जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुगंधा शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गोदभराई दिवस का आयोजन कर सेविकाओं द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को उनके खान पान की जानकारी दी गयी। उन्हें पौष्टिक आहार व उससे होने वाले शिशु के स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं के आहार में प्रोटीन&comma; विटामिन&comma; कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा होना जरूरी होता है। इसलिए आईसीडीएस द्वारा प्रतिमाह 07 तारीख को आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई दिवस का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं को आहार में विविधिता लाने की सलाह दी जाती है। उन्हें हरी साग-सब्जी&comma; सतरंगी फल&comma; दाल&comma; सूखे मेवे एवं दूध का सेवन विभिन्न पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जरूरी बताया जाता है। इसके अलावा केंद्र में सभी गर्भवती महिलाओं को मातृ पोषण एवं गर्भस्थ शिशु के पोषण सुदृढ करने के लिए सरकार द्वारा प्रदत्त योजनाओं से मिलने वाले लाभों की भी जानकारी दी जाती है जिससे कि वे समय पर इसका लाभ उठा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीकाकरण के महत्व पर हुई चर्चा &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं व शिशु को पड़ने वाले टीकाकरण की महत्ता पर भी चर्चा की गई। पोषण अभियान के जिला समन्वयक अनमोल गुप्ता ने बताया गर्भवती महिला को पहली बार गर्भ धारण करने पर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीके लगवाने चाहिए। जन्म के बाद शिशु का सम्पूर्ण टीकाकरण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोदभराई दिवस पर महिलाओं को गर्भावस्था में 4 प्रसव पूर्व जांच करवाने एवं टीकाकरण कार्ड को संभाल कर रखने की सलाह दी गई। टीकाकरण कब और क्यों लगवाया जाता &comma; महिलाओं को विस्तार से इसकी जानकारी दी गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मातृ वन्दना योजना की भी लोगों को दी जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गोदभराई के दौरान लोगों को सरकार द्वारा चलाए जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के जिला समन्वयक मनीष कुमार पोद्दार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को शिशु होने तक तीन किस्तों में कुल 5000 रुपये की राशि सरकार द्वारा दी जाती है। पहली किस्त 1000 रुपये दी जाती है जिसके लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में गर्भधारण करने के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कर जरूरी दस्तावेज देने पड़ते हैं। कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच करवाने पर 180 दिनों बाद दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये एवं शिशु के जन्म के बाद उनके पंजीकरण व प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद तीसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये की राशि दी जाती है।<&sol;p>&NewLine;

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