मुखिया जनप्रतिनिधि पर लगा आरोप जाँच करने के बाद गलत पाया गया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">नालंदा&comma; राकेश।<&sol;mark><&sol;strong> नालंदा चंडी में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास का मामला बीते दिनों सामने आया था। जिसमें कांधूपीपर पर निवासी मिथिलेश गोप उर्फ़ बली गोप व राजाबाद निवासी सुनील राम पर किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला का आरोप लगाया गया था। इस मामले में 1 अक्टूबर दिन रविवार को किशोरी व उसके परिजन द्वारा Sc&sol;St थाना बिहार शरीफ में आवेदन दिया गया जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि मैं आवेश में आकर थाना में आवेदन केस दर्ज करने के लिए दिया था मेरे ग्रामीण के द्वारा दोनों पक्ष को सुला समझौता करवा दिया है हमें इनसे कोई दिक्कत नहीं है।हम दोनों पक्ष आपस में मिलजुल कर रहे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मेरे द्वारा दिए गए आवेदन पर कोई करवाई नहीं करने की कृपा की जाये।इस घटना में मिथिलेश गोप उर्फ बाली नहीं थे। इस मामले में मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश गोप उर्फ़ बली को ने बताया कि एक राजनीति के तहत बहुत गंभीर आरोप लगाया गया जो बिल्कुल बी बुनियाद है इस आरोप में आज हम लोगSc&sol;St थाना पहुंचे और पीड़ित पक्ष को ही बुलाया गया था। जिसमें पीड़ित पक्ष ने स्वयं स्वीकार किया की मिथलेश गोप उर्फ़ बाली गोप से कोई लेना-देना नहीं है हम लोग आपस में मिल गए हैं और प्रशासन इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच किया जिसमें मुझे निर्दोष पाया गया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

राष्ट्रीय शहरी आजीविका समूह के सदस्यों को एचआईवी एड्स पर दिया गया एकदिवसीय प्रशिक्षण