ड्रोन दीदीयों को कृषि के लिए हितकारी बनाने का लक्ष्य

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ़&comma; अजित<&sol;strong> &period; गुरुवार को पटना के बामेती में ड्रोन दीदी योजना अंतर्गत चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों के एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने किया&period;श्री पांडेय ने कहा कि इस योजना का नाम ड्रोन दीदी योजना इसीलिए रखा गया ताकि आधी आबादी यानी महिलाओं को तकनीकी और आर्थिक रूप से विकसित किया जा सके&period; राज्य में ड्रोन के उपयोग से कीटनाशी की कम मात्रा के साथ-साथ समय एवं पूँजी की बचत हो रही है&comma; जिससे किसानों की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि होगी&period; इस कार्यशाला में कृषि मंत्री ने राज्य के 16 जिलों से आई 201 स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को संबोधित करते हुए कहा की तेज रफ्तार से चलना है तो नई तकनीक को समझना&comma; स्वीकारना और उसका उपयोग करना होगा नहीं तो पिछड़ जायेंगे&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से ये ड्रोन योजना सामने आई और सीएम नीतीश कुमार के मार्गदर्शन से इसे जमीन पर उतारा गया है&comma; जिसका आप सभी को लाभ मिलने वाला है&period;इस योजना में ड्रोन समेत पूरे किट के लिए 80 प्रतिशत यानी 8 लाख का अनुदान दिया जा रहा है जबकि बाकी बचे 2 लाख आपको जीविका समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराय जायेंगे&period; श्री पांडेय ने कहा कि इस योजनांतर्गत भारत सरकार द्वारा बिहार राज्य के लिए कुल 201 ड्रोन वितरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है&period; पटना में निःशुल्क 15 दिवसीय ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण कराया जाएगा&period;मंत्री श्री पांडे ने बताया कि पूरे देश में इस वित्तीय वर्ष 2024-25 और अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 हजार 500 समूहों को ड्रोन दीदी योजना से जोड़ने का लक्ष्य है&comma; जिससे विकसित भारत और विकसित बिहार का निर्माण हो सकेगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सचिव&comma; कृषि विभाग&comma; संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस साल कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत् राज्य के सभी 101 अनुमंडलों में एक-एक कृषि ड्रोन की व्यवस्था अनुदानित दर पर की जा रही है&period; कृषि विभाग के पौधा संरक्षण संभाग द्वारा किसानों को &&num;8220&semi;पोपुलराइजेसन ऑफ एरियल स्प्रे ऑफ पेस्टीसाइड एण्ड लिक्विड फर्टिलाइजर बाई ड्रोन इन पी०पी०पी० मोड योजना&&num;8221&semi; के अंतर्गत कृषि ड्रोन अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जायेगा&period;इस योजना में पारदर्शिता के लिए लाभुकों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा&period; इस योजनान्तर्गत ड्रोन के क्रय करने पर सरकार द्वारा 60 प्रतिशत या अधिकतम 3&period;65 लाख रूपये अनुदान की व्यवस्था की गई है&period; ड्रोन का क्रय डी०जी०सी०ए० द्वारा कृषि क्षेत्र में प्रयोग हेतु निबंधित ड्रोन का ही क्रय लाभार्थी द्वारा किया जा सकेगा&period;इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान&sol;खेतीबारी कृषि क्लिनिक संस्थापक&sol;कृषि यंत्र बैंक&sol;स्वयं सहायता समूह&sol;अनुज्ञप्तिधारी कीटनाशी विक्रेता&sol;किसान उत्पाद संगठन &sol; स्वयं सेवी संस्था&sol;निजी संस्था&sol;रजिस्टर्ड कम्पनी आदि आवेदन कर सकते हैं&period; इसके लिए कृषि यांत्रिकरण योजना के वेबसाईट www&period;farmech&period;bih&period;nic&period;in पर आवेदन की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर विशेष सचिव बीरेन्द्र प्रसाद यादव&comma; कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह&comma; निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार&comma; अपर निदेशक &lpar;शष्य&rpar; धनंजय पति त्रिपाठी&comma; संयुक्त निदेशक&comma; पौधा संरक्षण प्रमोद कुमार&comma; अन्य पदाधिकारी&sol;वैज्ञानिकगण सहित विभिन्न जिलों के 200 से अधिक जीविका दीदियाँ उपस्थित थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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