बंद चीनी मिलों को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से चलाने के लिए एक्ट में होगा संशोधन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को निजी कंपनियों के माध्यम से चलाने के लिए राज्य सरकार बिहार चीनी उपक्रम &lpar;अर्जन&rpar; अधिनियम 1985 की धारा 3 में संशोधन करेगी। इसके लिए बुधवार को सरकार ने कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार बिहार में राज्य सरकार द्वारा जब चीनी मिलों का अधिग्रहण किया जा रहा था उस समय बिहार चीनी उपक्रम &lpar;अर्जन&rpar; अधिनियम 1985 लागू किया गया था। ताकि अधिग्रहण होने वाली चीनी मिलों को राज्य सरकार ही चलाएगी। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी चीनी मिलें धीरे-धीरे बंद हो गई। राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को पुन&colon; चालू कराने का निर्णय लिया है&comma; लेकिन उक्त अधिनियम के कारण बंद पड़ी चीनी मिलों को सहकारी संस्थाओं को देने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसको देखते हुए बिहार चीनी उपक्रम &lpar;अर्जन&rpar; अधिनियम 1985 की धारा-3 की उपधारा-2 में संशोधन किया जाएगा। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इस अधिनियम के संशोधन होने से कोई भी निजी कंपनी&comma; राज्य संपोषित संस्था&comma; सहकारी संस्था या अन्य विभाग को बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाने के लिए दिया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;

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