बिहार के विकास पर सवाल उठाने वाले तेजस्वी को अपने माता-पिता के शासनकाल का देना चाहिए हिसाब : हिमराज राम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जद &lpar;यू0&rpar; प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम ने मीडिया में जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास पर सवाल उठाने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के शासनकाल के दौरान राज्य की बदहाली का हिसाब देना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पार्टी प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल के दौरान विकास के सभी पैमानों पर पिछड़े बिहार को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने विकास के शिखर पर पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के माता-पिता के शासनकाल के दौरान बिहार शिक्षा&comma; स्वास्थ्य&comma; कानून व्यवस्था&comma; कृषि के क्षेत्र में पूरे देशभर में अंतिम पायदान पर था। लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकलने में डरते थे&comma; राज्य में कृषि की पैदावार नीचले स्तर पर थी। उन्होंने कहा लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल के दौरान राज्य में शिक्षा की बदहाली के चलते छात्र-छात्राओं का दूसरे राज्यों में पलायन हुआ राज्य में मेडिकल और इंजीनियरिंग काॅलेजों की कम संख्या के चलते छात्र-छात्राओं को इन विषयों की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। वहीं आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के शासनकाल में हर जिले में इंजीनियरिंग काॅलेजों की स्थापना और मेडिकल काॅलेजों की संख्या में इजाफा के चलते इन विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ रहा है और वो यहीं रहकर शिक्षा हासिल कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता के शासनकाल में साढ़े चार रुपए में चरवाहा विद्यालय में बच्चों को चरवाहा बनने की शिक्षा दी जाती थी लेकिन आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के शासनकाल में महज 10 रुपए में इंजीनियरिंग और महज 5 रुपए में पाॅलिटेक्निक की शिक्षा हासिल कर छात्र इंजीनियर कहला रहे हैं। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल के दौरान बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ना तो मरीजों को सही इलाज मिलता था&comma; अस्पतालों में ना डाॅक्टर थे और ना ही कोई सुविधा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए एक महीने में केवल 39 मरीज जाया करते थे जबकि आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के शासनकाल के दौरान वहां इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या 11 हजार तक पहुंच चुकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सवाल पूछते हुए कहा कि उन्हें ये बताना चाहिए कि उनके माता-पिता के शासनकाल के दौरान राज्य में उद्योगों की क्या हालत थी&quest; उस समय बिहार में उद्योगों के नाम पर अपहरण का उद्योग चलता था जहां फिरौती के लिए दिनदहाड़े लोगों का अपहरण किया जाता था और उनसे रुपया वसूला जाता था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपराधियों के डर के चलते बिहार से बड़े पैमाने पर उद्योगपतियों का पलायन हो गया जिससे राज्य में नए उद्योग लगाने की बात तो दूर पुराने चल रहे उद्योगों की हालत खस्ता हो गई और वो बंद हो गए। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में राज्य में कृषि की पैदावार बहुत कम थी। गांवों में जमीन विवाद के चलते किसानों ने खेती बंद कर दी थी और वो शहरों में पलायन कर गए थे। वहीं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के शासनकाल में राज्य में भूमि सुधार कार्यक्रम लागू किए गए जिससे गांवों में भूमि विवादों में कमी आयी और किसान अपनी जमीन पर खेती करने लगे और आज राज्य कई कृषि उत्पादों में देशभर में शीर्ष पायदान पर है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से ये सवाल पूछना चाहिए कि उनके शासनकाल के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी&quest; शाम होते ही लोग घरों में दुबक जाते थे&comma; लडकियां घरों से बाहर निकलने में डरती थी और सरेआम हत्या&comma; लूट और अपहरण की घटना आम थी। वहीं आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार ने लोगों के मन से अपराधियों को खौफ निकालने का काम किया और आज शाम हो&comma; रात हो लोग आराम से घरों से बाहर निकलते हैं और घूमते फिरते हैं।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नौकरी का सुनहरा मौका : पटना में महिलाओं के लिए दो दिवसीय मेगा जॉब फेयर

नवजात बच्चे की पहली सांस बचाने के लिए एम्स में विशेषज्ञों ने किया मंथन

पटना साहिब विधानसभा के सभी मंडलों में होगा दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर