बाल विवाह रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका, परिचर्चा एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong>जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन &lpar;JRC&rpar; एवं जागरण कल्याण भारती के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को प्लस टू उच्च विद्यालय अमौना&comma; नगर परिषद जोगबनी में &OpenCurlyDoubleQuote;बाल विवाह की रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका” विषय पर परिचर्चा एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रेश्रीप्रिया ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास&comma; जोगबनी नगर परिषद की अध्यक्ष रानी देवी&comma; 56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा के एसआई सुरेंद्र कुमार&comma; मध्य विद्यालय अमौना के प्रधानाध्यापक मुरली कुमार तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन &lpar;AVA&rpar; के बाल अधिकार अधिकारी &lpar;CRA&rpar; यशवंत कुमार ओझा मौजूद रहे। परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस घोषित किए जाने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए बिहार सरकार&comma; भारत सरकार तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन ऋभु को बधाई दी। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं&comma; बल्कि शिक्षक&comma; जनप्रतिनिधि&comma; सामाजिक संगठन और आम लोगों को भी मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का संचालन जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 27 नवंबर को &OpenCurlyDoubleQuote;अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस” के रूप में मनाने की घोषणा भारत के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि 27 नवंबर 2024 को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से भुवन ऋभु ने विज्ञान भवन से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के खिलाफ जमीनी स्तर पर बीडीओ&comma; एसडीओ&comma; मुखिया&comma; सरपंच&comma; वार्ड सदस्य&comma; आंगनबाड़ी सेविका तथा सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान और बाल विवाह रोकने की पहल लगातार की जा रही है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है कि बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण पहल हुई है। वक्ताओं ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यालयों में बच्चों एवं अभिभावकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासन को सूचित कर उसे रोकने में सहयोग करें। इस दौरान सभी ने अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दीपेश कुमार पासवान&comma; अंकुश कुमार यादव&comma; लक्ष्मी कुमारी&comma; विक्रम कुमार शाह&comma; संगम लाल पासवान&comma; रोजी कुमारी&comma; आरती कुमारी&comma; नजराना मेही&comma; रेखा कुमारी&comma; सुभाष कुमार मेहता&comma; राकेश कुमार सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि &OpenCurlyDoubleQuote;हम सब मिलकर अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाएंगे&comma; तभी अररिया मुक्त होगा&comma; बिहार मुक्त होगा और भारत बाल विवाह मुक्त होगा।<&sol;p>&NewLine;

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