मरीज को अपनी गोद में लेकर, हाथ में स्लाइन की बोतल थामे

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नालंदा&comma; राकेश<&sol;strong> नालंदा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र &lpar;सीएचसी&rpar; रहुई में एक ऐसा मामला सामने आया है। जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को उजागर कर रहा है। यहाँ एक महिला मरीज को अपनी गोद में लेकर&comma; हाथ में स्लाइन की बोतल थामे&comma; अस्पताल से बाहर जाते देखा गया है। यह दृश्य न केवल स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही को दर्शाता है। बल्कि स्वास्थ्य सिस्टम का पोल खोल रहा है। मरीज की रिश्तेदार बेबी देवी ने बताया कि मरीज काजल कुमारी रहुई प्रखण्ड की उत्तरनावां गांव की रहने वाली हैं। वह डायरिया से पीड़ित थीं। और उनका इलाज सीएचसी रहुई में चल रहा था। जब मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ है। तब स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लेकिन रेफर करने के बाद मरीज को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी गई। परिजनों को मजबूरन मरीज को गोद में उठाकर&comma; स्लाइन की बोतल हाथ में लेकर अस्पताल से बाहर निकलना पड़ा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी मूकदर्शक बने रहे और मरीज के परिजनों को नहीं रोक पाए। जब मरीज के परिजन सड़क पर वाहन का इंतजार कर रहे थे&comma; तब वहाँ लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश जताया। जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने एम्बुलेंस बुलवाई और मरीज को सदर अस्पताल बिहार शरीफ भेजा। इस मामले पर सीएचसी रहुई के डॉक्टर दयानंद कुमार का कहना है कि मरीज को बहुत कमजोर रहने के कारण उसे रेफर किया गया था। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एम्बुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।<&sol;p>&NewLine;

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