धर्म, शरिया और सामाजिक सुधार की हिफाजत के लिए मुसलमान रहें एकजुट : मौलाना अहमद हुसैन कासमी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>इमारत ए शरिया बिहार&comma; ओड़िशा एवं झारखंड की ओर से मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों और मुस्लिम बस्तियों में 16 मई से चल रहा सुधार अभियान शुक्रवार को संपन्न हो गया&period; यह अभियान हजरत अमीर शरियत मौलाना सैयद अहमद वली फैसल रहमानी और नाजिम-ए-आला मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी के मार्गदर्शन में चलाया गया&period;<br>इस अभियान का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम करधनी प्रखंड के सिकरी सरैया गांव स्थित जामिया मस्जिद में आयोजित हुआ&comma; जिसकी सरपरस्ती इमारत ए शरिया के सहायक नाजिम मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी ने की&period; कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा&comma; इमाम&comma; नौजवान और आम मुसलमानों ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपने संबोधन में मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी ने कहा कि मुसलमानों को धर्म&comma; शरिया&comma; इस्लामी तहजीब और सामाजिक सुधार की हिफाजत के लिए एकजुट और सतर्क रहने की जरूरत है&period; उन्होंने कहा कि आज मस्जिदों&comma; मदरसों&comma; ईदगाहों&comma; कब्रिस्तानों और वक्फ संपत्तियों पर विभिन्न तरीकों से हमले हो रहे हैं तथा नई पीढ़ी को दीन से दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं&period; उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नौजवानों में नशाखोरी&comma; बदअखलाकी और नैतिक गिरावट बढ़ रही है&comma; जबकि मुस्लिम महिलाओं में पर्दा और इस्लामी शालीनता के मूल्य कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हजरत अमीर शरियत ने फैसला किया कि उलेमा और दीन के खिदमतगार गांव-गांव जाकर मुसलमानों में दीन की जागरूकता पैदा करें और उन्हें आंतरिक एवं बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करें&period; उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत मदरसों को मजबूत बनाने&comma; बच्चों की दीनि तालीम बढ़ाने&comma; महिलाओं के लिए मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने तथा दहेज&comma; तिलक&comma; सूदखोरी&comma; साहूकारी और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा रही है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>कार्यक्रम में इमारत ए शरिया के सहायक काजी शरिया मुफ्ती मुहम्मद राशिद अनवर कासमी ने कहा कि एक अच्छे समाज की बुनियाद नेक परिवार और अच्छे अखलाक पर टिकी होती है&period; अगर माता-पिता खुद शरिया के पाबंद हों और बच्चों की सही परवरिश करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है&period; उन्होंने सूदखोरी के नुकसान बताते हुए मुसलमानों से शरई मामलों में दारुल कजा से संपर्क करने की अपील की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दारुल उलूम इस्लामिया इमारत ए शरिया फुलवारी शरीफ के हदीस शिक्षक मौलाना मुफ्ती अब्दुल है जाहिद कासमी ने कुरान और सुन्नत की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुसलमानों को अपने जीवन को अल्लाह की किताब और पैगंबर मोहम्मद ﷺ की सुन्नत के अनुसार ढालना चाहिए&period; वहीं मौलाना मुहम्मद नौशाद आलम मजाहरी ने इमारत ए शरिया के विभिन्न विभागों और उनके सामाजिक&comma; शैक्षिक व धार्मिक कार्यों की जानकारी दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज्ञात हो कि इस सुधार अभियान के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करधनी&comma; सकरा&comma; मीनापुर&comma; मुसहरी और बोचहां प्रखंड के विभिन्न गांवों और मुस्लिम इलाकों में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए गए&comma; जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया&period; अभियान का समापन शुक्रवार शाम मगरिब की नमाज के बाद किशनपुर बिलौर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के साथ होगा&comma; जिसमें इमारत ए शरिया के उप नाजिम मुफ्ती मुहम्मद सना-उल-हुदा कासमी विशेष संबोधन देंगे। अंत में दुआ की गई कि अल्लाह तआला इमारत ए शरिया के इस प्रयास को कबूल फरमाए&comma; मुसलमानों में एकता&comma; भाईचारा और दीन पर मजबूती पैदा करे तथा पूरी उम्मत को फितनों से महफूज रखे।<&sol;p>&NewLine;

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