सुखद : अस्पतालों में दवा के साथ डोज और एहतियात का मिल रहा लिफाफा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> दवा वितरण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए नई पहल को और आगे बढ़ाया जा रहा है। दवा वितरण लिफाफा के पहले चरण की सफलता के बाद दवा वितरण लिफाफा 2 और 3 की खेप जून के दूसरे हफ्ते तक राज्य के सरकारी अस्पतालों में पहुंचाने की योजना है। राज्य के सभी जिलों सहित कुल 10—10 लाख दवा वितरण लिफाफे भेजे जाएँगे। मुफ्त दवा वितरण नीति के तहत दिए जाने वाले इस लिफाफे पर मरीजों को दवा के साथ उसके डोज और दवा संबंधी एहतियात लिफाफे पर दिए जाते हैं। जिलों से माँगी गयी अधियाचना के अनुसार&comma; दवा वितरण लिफाफा बेगूसराय&comma; वैशाली&comma; मुजफ्फरपुर&comma; सीतामढ़ी और बेतिया को सबसे अधिक 40-40 हजार लिफाफे दिए जाएँगे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना को 32 हजार लिफाफे देने की योजना है। दवा के साथ लिफाफे का वितरण स्वास्थ्य विभाग की मुफ्त दवा वितरण नीति के तहत है। आसानी से समझ सकेंगे दवा का निर्देश<br>दवा के लिफाफे पर निर्देश इस तरह से लिखे जाएंगे कि कम पढ़े लिखे लोग भी आसानी से इसे पढ़कर समझ सकें। दवा और लिफाफे पर एक जैसा नंबर रहेगा&comma; सुबह दोपहर शाम की दवाओं के लिए गोल निशान बनाए जा रहे हैं। इससे दवा खाने के समय समझने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। लिफाफे पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की तस्वीर भी दी गयी हैं। निशुल्क एम्बुलेंस के लिए 102 तथा कॉल सेंटर 104 के बारे में भी जानकारी दी गयी है। लिफाफे में दवा वितरण पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक के स्वास्थ्य केंद्रों पर दी गयी है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लगातार आठवीं बार दवा वितरण में नंबर वन बना बिहार<br>दवा वितरण के मामले में बिहार सितंबर 2024 से लगातार आठवीं बार देश में पहले स्थान पर है। अप्रैल माह में राज्य ने 80&period;72 का स्कोर प्राप्त किया है। दवा वितरण में पहले स्थान पर आने में बड़ी भूमिका को अनवरत बनाने में समय पर दवाओं का पोर्टल पर किया गया इंडेंट और मुफ्त औषधि वाहन है। राज्य में अभी दो तरह के औषधि वाहन चलाए जा रहे हैं। राज्य में एल-1 औषधि वाहन की संख्या 41 तथा एल-2 औषधि वाहन की संख्या 100 है। एल-1 औषधि वाहन से जिला से दवाइयों को प्रखंड स्तर तक पहुंचाया जाता है। वहीं एल-2 औषधि वाहन दवाओं को प्रखंड से एचडब्ल्यूसी स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा है। राज्य में औसतन प्रत्येक जिलों में 3 एल-2 औषधि वाहन तथा एक एल-1 वाहन जिला स्तर पर &lpar;बड़े जिलों में 2&rpar; दिए गए हैं।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

नशे में धुत कार चालक ने मचाया उत्पात : कई वाहनों को मारी टक्कर, भीड़ ने जमकर पीटा

जनता महादलित संघ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बने अजय कुमार

नेपाल हिंसा के पांच आरोपित भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश में गिरफ्तार, नेपाल पुलिस के हवाले