एमडीए की सफ़लता के लिए राज्य स्तरीय टास्क फ़ोर्स बैठक का हुआ आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> राज्य के 13 जिलों में 10 अगस्त से शुरू होने वाले एमडीए यानी सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को सफ़ल बनाने के लिए विशेष रणीनीति की जरूरत है&period; इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉनिटरिंग डेटा एवं माइक्रोफाइलेरिया दर को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक प्रखंडों की पहचान करना जरुरी है&period; साथ ही इन चिन्हित प्रखंडों की एमडीए को लेकर सूक्ष्म-कार्ययोजना को प्रभावी बनाकर दवा सेवन के कवरेज को आसानी से बढ़ाया जा सकता है&period; उक्त बातें राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत ने शुक्रवार को राज्य स्वास्थ्य समिति में एमडीए पर आयोजित राज्य स्तरीय टास्क फ़ोर्स बैठक के दौरान कही&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यपालक निदेशक ने वर्तमान समय में कुछ एमडीए जिलों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कहा कि जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है&comma; वहाँ विशेष रणीनीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है&period; उन्होंने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के बाद होने वाले कुछ प्रतिकूल प्रभावों के बारे में समुदाय को सही जानकारी देना जरुरी है&period; इससे फाइलेरिया रोधी दवाओं की गुणवत्ता एवं इससे होने वाले संभावित प्रभावों पर लोगों जागरूकता बढ़ेगी&period; साथ ही जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर दवा सेवन के संभावित प्रभावों के निदान के लिए अधिकारीयों को चिन्हित करना भी जरुरी है&period; उन्होंने एमडीए राउंड में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त शिक्षा विभाग&comma; आईसीडीएस विभाग&comma; पंचायती राज विभाग&comma; नगर निगम&comma; पीडीएस&comma; जीविका सहित अन्य विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के सक्रिय सहयोग की अपील की&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रोग की सही जानकारी एमडीए की सफलता का होगा सूत्रधार&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>झारखंड राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान में एनसीवीबीडीसी&comma; भारत सरकार में सलाहकार सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि एमडीए राउंड का आयोजन पिछली दो दशक से हो रहा है&period; लेकिन अभी भी फाइलेरिया उन्मूलन में शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिली है&period; इसके लिए जरुरी है कि लोगों को यह बताया जाए कि फाइलेरिया एक बेहद गंभीर एवं लाईलाज बीमारी है&period; एक बार होने के बाद ठीक नहीं होता है&period; इसके लिए सामुदायिक जन-जागरूकता जरुरी है&comma; जिसमें बिहार ने जीविका को इस मुहिम में शामिल कर एक अच्छा प्रयास भी किया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>13 जिलों के 3&period;5 करोड़ आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य<&sol;strong>&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद&comma; अपर सचिव सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; फाइलेरिया ने कहा कि 10 अगस्त से राज्य के 13 जिलों में एमडीए राउंड की शुरुआत की जा रही है&period; जिसमें 8 जिले यानी भोजपुर&comma; बक्सर&comma; किशनगंज&comma; मधेपुरा&comma; मधुबनी&comma; नवादा&comma; नालंदा एवं पटना में दो तरह की दवाएं&lpar; डीईसी एवं एल्बेंडाजोल&rpar; एवं 5 जिले यानी दरभंगा&comma; लखीसराय&comma; पूर्णिया&comma; रोहतास एवं समस्तीपुर में तीन तरह की दवाएं&lpar;डीईसी&comma; एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन&rpar; खिलाई जाएंगी&period; इन 13 जिलों में 3&period;5 करोड़ आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य है&period; उन्होंने कहा कि पिछले एमडीए चक्र में कुछ गुड प्रैक्टिस किए गए थे&period; जिसमें डीसीएम को शामिल करने के साथ ओपीडी स्लिप पर एमडीए की जानकारी देना&comma; स्वीकृत एप से डेली एमडीए मॉनिटरिंग सहित अन्य प्रयास शामिल थे और ये कारगर भी साबित हुए&period; साथ ही आईएमए एवं आईएपी का भी सहयोग लिया गया जो बहुत ही प्रभावी रहा&period; उसी तरह इस राउंड में भी ऐसे प्रयासों को जारी रखा जाएगा&period; इस दौरान उन्होंने सहयोगी विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं में शामिल डब्लूएचओ&comma; पिरामल&comma; पीसीआई&comma; सीफ़ार&comma; जीएचएस एवं लेप्रा की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल के एसपीओ डॉ&period; अशोक कुमार&comma; एचडब्लूसी के एसपीओ डॉ&period; एके शाही&comma; आशा सेल के एसपीओ डॉ&period; वाईएन पाठक&comma; रीजनल हेल्थ ऑफिस भारत सरकार&comma; से डॉ&period; कैलाश कुमार एवं डॉ&period; रविशंकर &comma; पीएमसीएच से डॉ&period; अजय कृष्णा&comma;पटना के सिविल सर्जन डॉ&period; मिथलेश कुमार&comma; काराविभाग&comma; जीविका&comma; शिक्षा&comma; एनसीसी&comma; एमडीएम एवं पंचायती राज विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारी के साथ डब्लूएचओ के राज्य एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय&comma; राज्य फाइलेरिया सलाहकार डॉ&period; अनुज सिंह रावत सहित पीसीआई&comma; सीफ़ार&comma; पिरामल&comma; जीएचएस एवं लेप्रा के अधिकारी मौजूद थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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