शहरी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण पर राज्य स्तरीय परामर्श बैठक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> शहरी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति एवं पीएसआई इंडिया द्वारा गुरुवार को होटल मौर्या&comma; पटना में एक दिवसीय राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया&period; राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; परिवार नियोजन&comma; बिहार सरकार&comma; डॉ&period; मो&period; सज्जाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन&comma; कार्य एवं उपलब्धियों पर चर्चा की गयी&period; राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन &lpar;एनयूएचएम&rpar; प्लेटफॉर्म के तहत टीसीआई&comma; पीएसआई इंडिया की उच्च प्रभाव वाली सेवाओं के सकारात्मक प्रभावों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के अवसर और चुनौतियों पर चर्चा की गई। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>टीसीआई&comma; पीएसआई इंडिया की वर्तमान में राज्य के सात शहरों पटना&comma; गया&comma; पश्चिम चंपारण&comma; मुंगेर&comma; भागलपुर&comma; बेगूसराय और रोहतास में लागू की जा रही उच्च प्रभाव सेवाओं पर चर्चा की गई। बैठक में स्टेट हेल्थ सोसाइटी के ए&period;के&period; साही और डॉ&period; श्रीनिवास&comma; राज्य योजना अधिकारी&comma; एचडब्ल्यूसी&comma; आरकेएसके&comma; एनयूएचएम&comma; एआरसी&comma; एसीएमओ और केयर इंडिया&comma; सीफार&comma; पाथ&comma; एफपीआई&comma; पाथफाईन्दडर&comma; पीसीआई सहित कई सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अनिवार्य है&colon;<br>सभी प्रतिभागियों ने एकमत होकर कहा कि परिवार नियोजन संसाधनों की सूचना और शिक्षा सहित यौन और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना सतत विकास लक्ष्यों में महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक है। ग्रामीण और शहरी झोपड़पट्टियों के पात्र दंपत्तियों तक परिवार नियोजन सहित मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अगली एनएफएचएस रिपोर्ट में कुल प्रजनन दर और घटेगा- डॉ&period; सज्जाद राज्य कार्यक्रम अधिकारी&comma; परिवार नियोजन&comma; बिहार सरकार&comma; डॉ&period; मो&period; सज्जाद ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अगले एनएफएचएस सर्वेक्षण में कुल प्रजनन दर के बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। फिलहाल राज्य में कुल प्रजनन दर 3 है और इसे और कम करने की जरूरत है। कुल मिलाकर भारत की कुल प्रजनन दर 2&period;1 है। उन्होंने कहा कि भागीदारों के समर्थन से परिवार नियोजन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और हम आधुनिक गर्भनिरोधक प्रसार दर में वृद्धि की उम्मीद करते हैं। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; सज्जाद ने कहा कि एनएफएचएस- 5 के अनुसार अभी राज्य की अनमेट नीड या आपूरित मांग 13&period;6 प्रतशत है जिसमे पिछले रिपोर्ट के मुकाबले कमी दर्ज की गयी है&period; एनएफएचएस- 4 के अनुसार राज्य की अनमेट नीड 21&period;2 प्रतिशत थी&vert;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुकेश शर्मा&comma; कार्यकारी निदेशक&comma; पीएसआई ने योग्य जोड़ों की अधिकतम संभव संख्या तक गर्भनिरोधक जानकारी और सेवाओं तक पहुंच में सुधार के लिए पीएसआई इंडिया के दृष्टिकोण पर चर्चा की। पीएसआई इंडिया के कार्यक्रम निदेशक हितेश साहनी ने कहा कि शहरी गरीबों के बीच उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जानकारी में सुधार करना एक बड़ी चुनौती है। यह स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विकास भागीदारों के बेहतर समन्वय से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में डॉ&period; वाई&period;एन&period; पाठक&comma; एसपीओ&comma; एसएचएसबी और केयर इंडिया की डॉ&period; पद्मा ने भी अपनी राय रखी। कार्यक्रम का संचालन पीएसआई इंडिया की दीप्ती माथुर ने किया और धन्यवाद ज्ञापन पीएसआई इंडिया के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक मनीष सक्सेना ने किया&period;<&sol;p>&NewLine;

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